
'रोहित शर्मा की तुलना शाहिद अफरीदी से करना, सेब की संतरे से तुलना करने जैसा'
रोहित शर्मा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में छक्कों की बरसात कर इतिहास रचा। वह शाहिद अफरीदी को पछाड़ वनडे क्रिकेट में अब सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इसके बाद उनकी तुलना अफरीदी से होने लगी।
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची में खेले गए पहले वनडे के दौरान फुल फॉर्म में नजर आए। हिटमैन ने 51 गेंदों पर 5 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों के साथ 57 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी भी की। रोहित ने अपनी पारी में जड़े 3 छक्कों के साथ इतिहास रचा। वह वनडे क्रिकेट में अब सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस लिस्ट में उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को पछाड़ा है। जब रोहित शर्मा के छक्कों के इस रिकॉर्ड की तुलना अफरीदी से होने लगी तो पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने कहा कि यह तो सेब की तुलना संतरे से करने जैसा है।
रोहित शर्मा के नाम अब वनडे क्रिकेट में 352 छक्के हो गए हैं, उन्होंने यह मुकाम 269 पारियों में हासिल किया। वहीं शाहिद अफरीदी ने 351 छक्के 369 पारियों में जड़े थे, जो रोहित शर्मा की तुलना में 100 पारियां ज्यादा है।
ANI से बात करते हुए, अतुल वासन ने कहा कि रोहित के रिकॉर्ड की तुलना अफरीदी से करना सही नहीं है, क्योंकि रोहित ने इसे ओपनर के तौर पर 100 कम इनिंग्स में हासिल किया, जो भारत के लिए उनके बड़े असर को दिखाता है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर हम इसकी तुलना शाहिद अफरीदी के रिकॉर्ड से करें, तो यह सेब और संतरे की तुलना करने जैसा है। क्योंकि एक ओपनर के लिए, ऐसा कर पाना बहुत बड़ी बात है। क्योंकि शाहिद अफरीदी का रोल बाद में आकर फिनिश करना और स्लॉग करना था। लेकिन एक ओपनर के तौर पर, 100 कम इनिंग्स में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना, यह दिखाता है कि उन्होंने भारतीय टीम के लिए कितना असर डाला है।"
इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि रोहित शर्मा की बड़े शॉट मारने और एक ओपनर के तौर पर मजबूत स्ट्राइक रेट बनाए रखने की काबिलियत उनकी सफलता और भारत की जीत पर उनके पॉजिटिव असर को दिखाती है।
अतुल वासन ने कहा, "आप इसे सिर्फ इस एक मेट्रिक से जज कर सकते हैं। अगर आपका ओपनर इतने सारे बड़े शॉट खेलता है, तो वह कितनी बार आपको गेम जिताता है। क्योंकि देखो कि वह एक ओपनर के तौर पर आपका स्ट्राइक रेट कितना बनाए रखता है। इसलिए मुझे लगता है कि यह मेट्रिक बहुत कुछ दिखाता है। वह इतने सफल रहे हैं, जब उन्होंने भारत के लिए ओपनिंग की है तो भारत इतना सफल क्यों रहा है।"






