'रोहित शर्मा ने करारा तमाचा मारा', ‘द हंड्रेड’ के दौरान रवि शास्त्री ने ऐसा क्यों कहा?
Ravi Shastri on Rohit Sharma: रवि शास्त्री ने ‘द हंड्रेड’ के दौरान रोहित शर्मा की शान में कसीदा पढ़ा। रोहित ‘द हंड्रेड’ 2026 के पहले मैच में एमआई फ्रेंचाइजी को सपोर्ट करने पहुंचे।

रोहित शर्मा ने हाल ही में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में ऐतिहासिक शतक जमाया। इस मैच से पहले रोहित के रिटायरमेंट की अटकलें लग रही थीं। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि लॉर्ड्स वनडे 'हिटमैन' का आखिरी मैच नहीं। रोहित ने भी यहां 110 गेंदों में 17 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 138 रन बनाकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। वह लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर हैं। भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद वहां ‘द हंड्रेड’ 2026 शुरू हो गया है। टूर्नामेंट का पहला मैच एमआई लंदन और सनराइजर्स लीड्स के बीच खेला गया। रोहित लंदन के केनिंग्टन ओवल में एमआई लंदन को सपोर्ट करने पहुंचे। यह मुंबई इंडियंस (एमआई) की सिस्टर फ्रेंचाइजी है। रोहित ने यह मैच नीता अंबानी के साथ बैठकर देखा, जो एमआई की मालकिन हैं। रोहित ने आईपीएल में बतौर कप्तान एमआई के लिए पांच ट्रॉफी जीती हैं।
'रोहित शर्मा ने करारा तमाचा मारा'
एमआई लंदन बनाम सनराइजर्स लीड्स मैच के दौरान जब स्क्रीन पर रोहित को दिखाया गया तो कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने 'हिटमैन' की शान में कसीदा पढ़ा। भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच शास्त्री ने कहा, ''रोहित अपने आलोचकों को चुप कराने के बाद अच्छा और रिलैक्स्ड महसूस कर रहे होंगे। इंग्लैंड सीरीज के आखिरी वनडे मैच से पहले बहुत शोर मचा, और फिर उन्होंने जवाब दिया। रोहित ने शतक जड़कर बल्ले से एक करारा तमाचा मारा। उन्होंने 138 रन बनाए। यह उनका लॉर्ड्स में पहला शतक। वह काफी कुछ देख चुके हैं। उन्होंने कप्तान के तौर पर मुंबई इंडियंस के लिए पांच खिताब जीते हैं।'' 39 वर्षीय रोहित आईपीएल में मुंबई का हिस्सा हैं लेकिन अब बतौर प्लेयर खेलते हैं। मुंबई की कमान फिलहाल हार्दिक पांड्या के पास है।
'जब तक खेलूंगा, शोर जारी रहेगा' रोहित
इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर जारी अटकलों के बीच रोहित ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस 'शोर (आलोचना, अफवाहें, अटकलें और लगातार होने वाली चर्चाएं)' की पूरी जानकारी है, लेकिन इससे उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। 'हिटमैन' ने लॉर्ड्स वनडे के बाद कहा, ''जब से मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया है, तब से इस तरह की बातें सुनता आ रहा हूं। जब तक मैं खेलता रहूंगा, यह चलता रहेगा। इसलिए इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं। मेरा पूरा ध्यान उसी पर रहता है। शोर रहने दीजिए, अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा। मेरा काम मैदान के भीतर है, बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर। मैं इसी नजरिए से इसे देखता हूं।''



