रोहित शर्मा पर जो फैसला लेना है अभी लेना होगा, क्योंकि..., पूर्व कप्तान और चयनकर्ता ने कहा- उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं
भारत के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने दूसरे वनडे मैच का अवलोकन करने के बाद कहा है कि रोहित शर्मा मेंटली फिट नहीं हैं। उन्हें क्लैरिटी की जरूरत है। अजीत अगरकर क्लैरिटी दें और जो फैसला लेना है अभी लें क्योंकि उधर जायसवाल या अन्य खिलाड़ी को तैयार करना है।

भारत के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने चयन समिति के वर्तमान अध्यक्ष अजीत अगरकर को सलाह दी है कि वे रोहित शर्मा से खुलकर बात करें और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके भविष्य के बारे में स्पष्ट जानकारी दें।
रोहित पर जो फैसला लेना है अभी लेना होगा, क्योंकि..
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान कहा, “मैनेजमेंट ने शायद उनसे कहा होगा कि अगर वे संन्यास नहीं लेते हैं तो उन्हें टीम से बाहर करने का विकल्प उनके पास है। लेकिन जब हर दिन इतनी विरोधाभासी खबरें आ रही हों, तो खिलाड़ी को भरोसा कैसे होगा? अगर यह सच है, तो खुलकर और स्पष्ट रूप से उन्हें बता दें। उन्हें उनकी स्थिति स्पष्ट कर दें। उसके बाद, वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं। चाहे वे खेलना जारी रखना चाहें या नहीं, यह उनकी मर्जी है।” श्रीकांत ने कहा, “यह फैसला अभी लेना होगा, क्योंकि तभी जायसवाल या उनकी जगह लेने वाला कोई और खिलाड़ी 2027 विश्व कप से पहले टीम में अपनी जगह बना पाएगा। लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर रोहित लॉर्ड्स मैच में 75 रन बनाते हैं तो क्या प्रबंधन अपना फैसला बदलता है। अपनी उम्र के बावजूद, अगर वह प्रदर्शन करते रहे तो उन्हें विश्व कप के लिए चुना जाना चाहिए।”
मेंटली ठीक नहीं हैं रोहित शर्मा
दूसरे वनडे में रोहित की पारी के बारे में बात करते हुए श्रीकांत ने विश्लेषण किया कि इस दिग्गज प्लेयर के साथ मानसिक रूप से कुछ गड़बड़ हो गई थी और उसे इस तरह बल्लेबाजी करते देखना वास्तव में निराशाजनक था। उन्होंने यह भी कहा कि 39 वर्षीय रोहित बिल्कुल असमंजस में दिख रहे थे और शायद व्हाइट बॉल क्रिकेट में यह उनका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन था। श्रीकांत ने कहा, “कल की पारी को देखकर साफ है कि रोहित की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। यह उनके खेलने का तरीका बिल्कुल नहीं था। मैच से पहले कुछ जरूर हुआ होगा। रोहित को इस तरह बल्लेबाजी करते देखना बेहद निराशाजनक था।” उन्होंने कहा- “यह बहुत ही खराब पारी थी, और वह पूरी तरह से लय से बाहर लग रहे थे। मुझे याद नहीं कि मैंने रोहित को वनडे और टी-20 क्रिकेट में ऐसी पारी खेलते देखा हो और यह बहुत ही आश्चर्यजनक था। मुझे नहीं पता कि उन्हें क्या परेशान कर रहा था, लेकिन उनकी टाइमिंग सही नहीं बैठ रही थी और वह बिल्कुल बेखबर लग रहे थे।”
रिटायरमेंट की अफवाहों को BCCI ने किया है खारिज
बता दें कि कार्डिफ में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित की 47 गेंदों पर 26 रनों की पारी के बाद, कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि रोहित 19 जुलाई को भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच खेल सकते हैं, क्योंकि समिति ने विश्व कप के लिए उन्हें नजरअंदाज करते हुए यशस्वी जायसवाल को मौका देने का फैसला किया है। हालांकि, शुक्रवार देर रात इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया, जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन सभी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि रोहित रविवार को भारत के लिए अपना आखिरी मैच नहीं खेलेंगे और जब तक वह टीम का हिस्सा हैं, तब तक वह देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। पिछले कुछ महीनों में रोहित के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। लगातार रन बनाने में नाकाम रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान पर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि जायसवाल ने अपने पिछले तीन वनडे मैचों में दो शतक लगाए हैं।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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