रोहित शर्मा बतौर ओपनर 16000 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बैटर बने, वीरेंद्र सहवाग की लिस्ट में मारी एंट्री
रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे मैच में 6 रन बनाते ही बतौर ओपनर 16000 रन पूरे कर लिए हैं। वे ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज और पूरी दुनिया के 7वें भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग की लिस्ट में एंट्री मारी है।

अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में खेले जा रहे पहले वनडे मैच में 6 रन बनाते ही बतौर ओपनर 16 हजार से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस खास उपलब्धि के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा बतौर ओपनर 16000 से अधिक रन बनाने वाले भारत के दूसरे सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले वीरेंद्र सहवाग ने यह कारनामा किया था।
रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ 6 रन बनाते ही सहवाग सहित दुनिया के पांच दिग्गज सलामी बल्लेबाजों के भी ग्रुप में एंट्री ले ही है। उन्होंने सनथ जयसूर्या, क्रिस गेल, ग्रीम स्मिथ जैसे बल्लेबाजों के साथ सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। अब तक भारत के लिए सिर्फ दो ही बल्लेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में 16000 रनों का आंकड़ा पार किया है। उसमें पहले नंबर पर वीरेंद्र सहवाग हैं, जिन्होंने अपने करियर में बतौर सलामी बल्लेबाज कुल 16119 रन बनाए थे, वहीं अब रोहित शर्मा दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने 16000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बना दिए हैं। रोहित शर्मा बतौर ओपनर 16000 रन बनाने वाले भारत के पहले दूसरे बल्लेबाज बने हैं और ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ 7वें बल्लेबाज बने हैं। रोहित शर्मा बतौर ओपनर सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में सहवाग को पीछे भी छोड़ सकते हैं। उन्हें सहवाग को पार करने के लिए सिर्फ 126 रनों की जरूरत है। पहले वनडे अगर नहीं हुआ तो इस पूरी सीरीज के अंदर रोहित शर्मा कभी ना कभी इस कीर्तिमान भी अपने नाम कर सकते हैं।
बतौर ओपनर भारत के लिए 16000 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले बल्लेबाज
वीरेंद्र सहवाग- 16119 रन
रोहित शर्मा- 16000+ रन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बतौर ओपनर बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल, सनथ जयसूर्या के पास है, जिन्होंने 19228 रन बनाए थे। इस सूची में क्रिस गेल 18867 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, वहीं डेविड वॉर्नर 18744 रनों के साथ तीसरे और दक्षिण अफ्रीका के ग्रीन स्मिथ 16950 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं। डेसमंड हेंस जो वेस्टइंडीज के ओपनर बैटर थे उन्होंने 16120 रन बनाए हैं, वहीं वीरेंद्र सहवाग के नाम बतौर ओपनर 16119 रन हैं। रोहित शर्मा अब इस लिस्ट में 7वें स्थान पर 16000+ रनों के साथ आ गए हैं।
बतौर ओपनर 16000 रन बनाने वाले दुनिया के 7 बल्लेबाज
1. सनथ जयसूर्या (श्रीलंका) - 19298 रन
2. क्रिस गेल (वेस्टइंडीज) - 18867 रन
3. डेविड वॉर्नर (ऑस्ट्रेलिया) - 18744 रन
4. ग्रीम स्मिथ (साउथ अफ्रीका) - 16950 रन
5. डेसमंड हेंस (वेस्टइंडीज) - 16120 रन
6. वीरेंद्र सहवाग (भारत) - 16119 रन
7. रोहित शर्मा (भारत) - 16000+
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



