दुनिया के मात्र 2 ऐसे क्रिकेटर, जिन्होंने 2007 से 2024 तक खेले हैं सभी 9 टी-20 वर्ल्ड कप; एक भारतीय, दूसरा कौन?
टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रोहित शर्मा और शाकिब अल हसन दुनिया के वे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहले टी-20 वर्ल्ड कप से लेकर 2024 के वेस्टइंडीज और अमेरिका में हुए नौवें संस्करण तक सभी प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।

टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के रोहित शर्मा और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन का नाम एक ऐसी मिसाल के रूप में दर्ज है, जिसे दोहराना बेहद मुश्किल होगा। ये दोनों दुनिया के वे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहले टी-20 वर्ल्ड कप से लेकर 2024 के वेस्टइंडीज और अमेरिका में हुए नौवें संस्करण तक सभी प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। जहां रोहित शर्मा ने 2024 में भारत को विश्व विजेता बनाकर इस प्रारूप को अलविदा कहा, वहीं शाकिब अल हसन ने भी इस लंबे सफर में बांग्लादेशी क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
रोहित शर्मा ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली से एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कुल 47 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक हैं और 1220 रन बनाए। वह विराट कोहली के बाद इस टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। रोहित ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से बल्कि अपनी कप्तानी से भी लोहा मनवाया, जहां उन्होंने 2024 में भारत के 11 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करते हुए टी-20 विश्व कप का खिताब जीता।
बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को उनके देश का अब तक का महानतम क्रिकेटर माना जा सकता है। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के 43 मैचों में 853 रन बनाए और वे अपनी टीम के लिए इस वैश्विक मंच पर सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में शाकिब अल हसन 8वें स्थान पर हैं। शाकिब की खासियत उनका बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन रहा है। उन्होंने न केवल बल्ले से योगदान दिया बल्कि अपनी सटीक स्पिन गेंदबाजी से टीम को ऊंचा मुकाम दिलाया। शाकिब अल हसन टी-20 विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 43 मैचों की 41 पारियों में 50 विकेट हासिल किए हैं।
रोहित शर्मा और शाकिब अल हसन के टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो रोहित शर्मा ने 2007 से 2024 के बीच खेले गए 159 मैचों में 4231 रन बनाए, जिसमें 5 शतक, 32 अर्धशतक और रिकॉर्ड 205 छक्के शामिल हैं। वे 150 से अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले दुनिया के पहले पुरुष खिलाड़ी बने। उन्होंने 2024 में अपनी कप्तानी में भारत को विश्व विजेता बनाकर इस प्रारूप से संन्यास की घोषणा की।
वहीं, बांग्लादेश के शाकिब अल हसन ने 2006 से 2024 के दौरान 129 मैचों में 2551 रन बनाने के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी से 149 विकेट चटकाकर खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में स्थापित किया। ये दोनों ही खिलाड़ी 2007 से 2024 तक के सभी टी-20 वर्ल्ड कप संस्करणों का हिस्सा रहे हैं और शाकिब ने भी सितंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट से अपने संन्यास की प्रभावी रूप से घोषणा कर दी थी, लेकिन 2025 में उन्होंने अपना संन्यास वापस ले लिया। हालांकि, बांग्लादेश में उनके खिलाफ केस दर्ज है और वे अपनी टीम से बाहर चल रहे हैं साथ ही देश से भी बाहर निवास कर रहे हैं। बांग्लादेश 2026 का वर्ल्ड कप भी नहीं खेल रहा है और ना उन्हें 2026 वर्ल्ड कप के लिए चयनित किया था ऐसे में उनकी भी टी-20 क्रिकेट की सेवा समाप्त जान पड़ती है।
इन दोनों दिग्गजों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा विभिन्न टी-20 लीगों में भी देखने को मिला। रोहित ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी में 5 बार चैंपियन बनाया और वे इस लीग में 7000 से अधिक रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं। वहीं शाकिब ने दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों, जैसे आईपीएल, सीपीएल और बीपीएल में अपनी छाप छोड़ी और कोलकाता नाइट राइडर्स की दो खिताबी जीत (2012 और 2014) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



