'ऋषभ पंत दबाव में हैं क्योंकि...', मोहम्मद कैफ ने स्टार विकेटकीपर के दर्द पर लगाया मरहम
विकेटकीपर ऋषभ पंत फिलहाल श्रीलंका दौर पर हैं। भारत के स्टार विकेटकीपर को लेकर मोहम्मद कैफ ने बड़ी बात कही है। पंत काफी समय से सिर्फ भारत के लिए एक फॉर्मेट में खेल रहे हैं।

भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत के दर्द पर मरहम लगाया है क्योंकि वह मुश्किल दौर से गुजर रहे। 28 वर्षीय पंत ने अगस्त 2024 के बाद से भारत के लिए वनडे या टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। वह फिलहाल सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा हैं। कैफ का मानना है कि पंत भले ही काफी समय से नाकारात्मक चीजों के चलते दबाव में हों लेकिन वह दमदार प्रदर्शन करने की काबिलियत रखते हैं। भारत को 15 अगस्त से श्रीलंका दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी हैं। पंत सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड में हैं। वह हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच में कोई खास छाप नहीं छोड़ सके थे। भारत ने यह मैच 6 विकेट से जीता।
'मुझे लगता है कि टेस्ट में जो पंत...'
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''ऋषभ पंत पर दबाव बिल्कुल है। मैंने प्रैक्टिस मैच में देखा कि वह 21 गेंद खेल गए और खाता नहीं खोला। फिर छक्का मार दिया। मुझे लगता है कि टेस्ट में जो पंत का रिकॉर्ड रहा है, उस लिहाज से अगर उनका आकलन करें तो ऐसा प्लेयर आपको नहीं मिलेगा। उन्होंने नंबर पांच-छह पर जाकर शतक मारा है और मैच जिताया। उन्होंने हारा हुआ मैच जिताया है। इमैक्ट डाला है। उनके एक-दो मैच खराब गए हैं। पंत का आकलन हम और दो-तीन टेस्ट मैच होने के बाद करेंगे। मैं समझ सकता हूं कि यह उसके लिए एक मुश्किल दौर है। उनका नाम अन्य फॉर्मेट की भारतीय टीम में नहीं आ रहा। वह भारत की वनडे और टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं।''
'आधे या एक घंटे में मैच का रुख...'
पूर्व बल्लेबाज ने आगे कहा, ''आईपीएल में भी पंत को मुश्किल वक्त देखना पड़ा। उन्हें आईपीएल में बहुत पैसा मिला लेकिन उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। वह लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान थे और टीम अंक तालिका में सबसे नीची रही। लेकिन मैं टेस्ट में उनका थोड़ा अलग रखता हूं। टेस्ट में उनकी काबिलियत सबने देखी है। उन्होंने प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में पांच गेंद खेली और दो रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन पंत ने दूसरी पारी (68 गेंदों में 28 रन, एक चौका, तीन छक्के) में गेम को पूरी तरह बदल दिया और क्रीज पर वक्त बिताया। उनका अपना तरीका है। वह मैच विनर रहे हैं। मैं उन्हें टेस्ट में अब भी बड़ा प्लेयर मानता हूं। उनमें आधे या एक घंटे में मैच का रुख पलटने का माद्दा है।''



