ऋषभ पंत को सैयद किरमानी ने दी दो टूक सलाह, बोले- अगर तीनों फॉर्मेट में खेलना है, तो…
सैयद किरमानी का कहना है कि अगर ऋषभ पंत देश के लिए फिर से सभी फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं, तो उन्हें अनावश्यक रूप से जोखिम भरी बल्लेबाजी शैली पर नियंत्रण रखना होगा, फिटनेस पर काम करना होगा और दबाव में संयम बनाए रखना होगा।

भारत के पूर्व क्रिकेटर सैयद किरमानी का कहना है कि अगर विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत देश के लिए फिर से सभी फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं, तो उन्हें अनावश्यक रूप से जोखिम भरी बल्लेबाजी शैली पर नियंत्रण रखना होगा, शारीरिक फिटनेस पर अधिक काम करना होगा और दबाव में संयम बनाए रखना होगा। 28 साल के पंत पिछले दो साल से भारत के लिए सिर्फ टेस्ट मैच ही खेल रहे हैं। हालांकि, वह इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में टी20 क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन उन्हें पहले सभी फॉर्मेट का नैचुरल प्लेयर समझा जाता था।
किरमानी ने पीटीआई से कहा, ''ऋषभ को अपनी फिटनेस और निरंतरता पर कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्हें दबाव में संयम बनाए रखना होगा। कोई भी खिलाड़ी यह नहीं कह सकता कि 'मैं जन्मजात हिटर हूं, मुझे हर गेंद पर हिट करना है'। हो सकता है कि किसी दिन आप जिस भी गेंद पर हिट करना चाहें, उस पर हिट कर लें, लेकिन आपको हालात, आप कौन से प्रारूप में खेल रहे हैं और टीम आपसे क्या चाहती है, इन बातों का ध्यान रखना होगा।''
उन्होंने आगे कहा, ''ऋषभ पंत को जहां भी चुना जाए, उन्हें अपनी फिटनेस दिखानी होगी। उन्हें यह दिखाना होगा कि उनका प्रदर्शन उनके साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे दूसरे विकेटकीपरों से बेहतर है। बस इतनी बात है। '' किरमानी ने पंत को भारतीय क्रिकेट में 'सचिन तेंदुलकर के बाद और वैभव सूर्यवंशी से पहले' का 'सबसे प्रतिभाशाली और हुनरमंद' खिलाड़ी करार दिया।
पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा, ''जब ऋषभ पंत भारतीय टीम में आए, तो मुझे लगा कि सचिन तेंदुलकर के बाद वही सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और जब तक यह नया लड़का (वैभव) सूर्यवंशी नहीं आया, तब तक मैं उन्हें ही सबसे प्रतिभाशाली मानता था, लेकिन अब जब मैं उन्हें सिर्फ टेस्ट मैच खेलते हुए देखता हूं, तो मैं काफी हैरान रह जाता हूं। ''
उन्होंने कहा कि कोच और मेंटोर किसी क्रिकेटर को सही दिशा और तरीका बता सकते हैं, लेकिन आखिरकार प्रदर्शन खिलाड़ी को ही करना होता है और अगर वह सफल नहीं होता है तो वह किसी और को दोष नहीं दे सकता। किरमानी (76 साल) ने 1976 से 1986 के बीच 88 टेस्ट और 49 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने कहा, ''आस पास मौजूद कोच और मेंटोर का काम खिलाड़ी को सही दिशा और तरीका दिखाना है। मैच शुरू होने से पहले, वे खिलाड़ियों का सिर्फ मार्गदर्शन कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा, "आप किसी और को दोष नहीं दे सकते। खिलाड़ी का ही फैसला मायने रखता है, चाहे वह अच्छी फॉर्म दिखाए या नहीं। खिलाड़ी के अलावा कोई और जिम्मेदारी नहीं ले सकता। '' दिसंबर 2022 में पंत एक भयानक कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने 15 महीने बाद 2024 में आईपीएल में वापसी की।
किरमानी ने कहा, ''उन्हें एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का सामना करना पड़ा। उस दौरान, दूसरे उभरते हुए विकेटकीपर एक-एक करके सामने आए। जहां भी उन्हें चुना गया, उन्होंने टेस्ट और वनडे मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अच्छा खेलने की अपनी काबिलियत दिखाई।'' 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य ने कहा, ''इसलिए, दुर्घटना से उबरने के दौरान ऋषभ पंत अपनी जगह से थोड़ा पीछे रह गए। अब, उन्हें जबरदस्त मुक़ाबले का सामना करना पड़ रहा है। ''
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Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
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