अपने हीरो रिंकू सिंह के लिए इमोशनल हुईं सांसद प्रिया सरोज, WC जीतने के बाद जानिए क्या लिखा?
वर्ल्ड कप के दौरान ही रिंकू सिंह के पिता का देहावसान हो गया था। वे दुखों की घड़ी में खुद को संभाले रहे और भारतीय टीम के साथ रहे। उनके विश्व कप जीतने के बाद अब मंगेतर प्रिया सरोज ने इमोशनल मैसेज लिखा है।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसमें टीम के सभी खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा। टीम इंडिया के पावर हिटर रिंकू सिंह ने वर्ल्ड कप के दौरान ही अपने पिता को खोने का असहनीय दुख झेला। पिता के निधन के बाद भी रिंकू अपनी कर्तव्यनिष्ठा नहीं भूले। वे पिता की अर्थी को कंधा देने और अंतिम संस्कार के बाद भारतीय टीम के साथ जुड़े। वे भले ही प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं रहे लेकिन रिप्लेसमेंट फील्डर के रूप में उन्हें मैदान पर देखा गया और उन्होंने कई अहम कैच भी पकड़े और भारतीय टीम की फील्डिंग को मजबूती दी।
वर्ल्ड कप जीतने के बाद रिंकू सिंह के अपने कर्तव्यों के प्रति डटे रहने और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने की हर कोई दाद दे रहा है और उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं। इसी दरमियान रिंकू सिंह की मंगेतर और होने वाली पत्नी प्रिया सरोज ने भी रिंकू के लिख भावनात्मक संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया है। प्रिया सरोज वर्तमान में उत्तर प्रदेश की मछली शहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं और रिंकू सिंह से 2025 में सगाई की है। दोनों आगे आने वाले वक्त में शादी के बंधन में बंधेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सांसद प्रिया सरोज ने रिंकू सिंह के लिए लिखा, "कुछ दिन स्याही से लिखे जाते हैं, लेकिन 8 मार्च जैसे दिन इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं। यह वह दिन है जब टीम इंडिया ने आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर हर भारतीय के दिल को गर्व से भर दिया, एक ऐसा पल जिसे यह राष्ट्र पीढ़ियों तक याद रखेगा और मनाता रहेगा।"
उन्होंने रिंकू सिंह की मानसिक मजबूती के बारे में लिखा "इस ऐतिहासिक जीत के बीच मैंने एक बेटे की ताकत भी देखी, जो अपने पिता, अपनी टीम और अपने देश के लिए डटकर खड़ा रहा। जीवन के सबसे कठिन पलों में भी मैदान पर उतरकर चैंपियन बनकर निकलना , यह एक अलग ही साहस की बात है।
उन्होंने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी और रिंकू सिंह की ताकत को सराहा। प्रिया सरोज ने लिखा "टीम इंडिया को और रिंकू सिंह आपको बधाई हो, जिन्होंने दुनिया को दिखाया कि असली ताकत क्या होती है।"
बता दें कि रिंकू सिंह मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर पहले आईपीएल और फिर भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने हैं। उनके पिता मजदूरी करके घर-परिवार का पालन पोषण करते थे और रिंकू सिंह की सफलता में पिता का बहुत बड़ा योगदान है। इस बात को रिंकू कई बार रेखांकित कर चुके हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज आईपीएल के आखिरी ओवर में लगातार 5 गेंदों में 5 छक्के लगाकर दुनिया की नजरों में रातों रात लाइमलाइट में आए थे। पिछले कुछ सालों से वे भारतीय टी-20 सेटअप का नियमित हिस्सा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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