
वर्ल्ड कप में मेरा काम ये था...विकेटकीपर ऋचा घोष ने कोच अमोल मजूमदार का पढ़ा कसीदा
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 अपने नाम किया। यह भारतीय महिला टीम की पहली आईसीसी ट्रॉफी है। विकेटकीपर ऋचा घोष ने कोच अमोल मजूमदार का कसीदा पढ़ा है।
विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने कहा है कि भारत की विश्व कप विजेता टीम विश्वास और अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता की नींव पर बनी है जिसमें कोच अमोल मजूमदार ने उन्हें ‘फिनिशर’ की भूमिका सौंपी है। दो बार फाइनल में हारी भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व कप जीता।

ऋचा ने जियो स्टार के ‘फॉलो द ब्लू’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘मेरा मुख्य काम मैच में आखिर तक टिककर तेजी से रन बनाने का था। मुझे जब भी बल्लेबाजी का मौका मिला तो मैंने यही करने की कोशिश की। मैंने स्ट्राइक रेट ऊंचा रखकर विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का प्रयास किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये अतिरिक्त रन बनाने से टीम का दबाव कम हुआ और हमें जीतने का बेहतर मौका मिला।’’
ऋचा ने कोच अमोल मजूमदार की भी तारीफ की, जिन्होंने ऐसा माहौल तैयार किया कि हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका के बारे में पता था। विकेटकीपर ने कहा, ‘‘अमोल सर ने टीम में सभी की भूमिका स्पष्ट कर दी थी। मेरा काम बेखौफ क्रिकेट खेलना, बड़े शॉट लगाना और अंत तक डटे रहना था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने विश्व कप से पहले क्रीज पर टिककर बड़ी पारी खेलने का काफी अभ्यास किया। जब भी खेलने का मौका मिला तो मैंने जमीनी शॉट लगाए और अपना विकेट फेंकने से बचती रही। मैंने एक दो रन लेने के मौके भी नहीं गंवाए।’’ ऋचा ने आठ पारियों में 133.52 की स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने महिला विश्व कप में सर्वाधिक छक्कों के वेस्टइंडीज के डिएंड्रा डोटिन (12) के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।






