रवींद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल या…; शुभमन गिल हुए पहले टेस्ट से बाहर तो ये 3 खिलाड़ी कर सकते हैं रिप्लेस
शुभमन गिल का चोटिल होना IND vs SL टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के लिए बड़ी समस्या है। अगर वह 15 अगस्त तक रिकवर नहीं हो पाते तो भारतीय मिडिल ऑर्डर काफी कमजोर पड़ सकता है।

इंडिया वर्सेस श्रीलंका XI प्रैक्टिस मैच के दौरान भारतीय फैंस को उस समय तगड़ा झटका लगा जब कप्तान शुभमन गिल टॉस के लिए नहीं आए। केएल राहुल ने उनकी गैरमौजूदगी में पहले दिन कप्तानी की। बीसीसीआई ने कुछ देर बाद अपडेट देते हुए बताया कि गिल चोट की वजह से पहले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे। बीसीसीआई के अपडेट के अनुसार, गुरुवार को इंडिया की प्रैक्टिस के दौरान कैप्टन शुभमन गिल के दाहिने हाथ की रिंग फिंगर में चोट लग गई। सावधानी के तौर पर, वह SLC XI के खिलाफ वार्म-अप गेम के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे। BCCI की मेडिकल टीम उनकी प्रोग्रेस पर नजर रख रही है। गिल यह प्रैक्टिस मैच खेलेंगे या नहीं इस पर भी कुछ क्लैरिटी नहीं है। वहीं उनकी चोट कितनी गंभीर है इसको लेकर भी कोई अपडेट नहीं है। अगर 15 अगस्त को पहले टेस्ट से पहले वह पूरी तरह फिट नहीं हो पाते तो यह भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
अगर शुभमन गिल IND vs SL पहला टेस्ट मिस करते हैं तो कौन से तीन खिलाड़ी उन्हें नंबर-4 की पोजिशन पर रिप्लेस कर सकते हैं, आइए जानते हैं-
- रवींद्र जड़ेजा- यह सबसे सीधा वन-इन-वन-आउट फिक्स नहीं है, लेकिन यह फिर भी लॉजिकल है। हाल ही में, रवींद्र जडेजा के लंबे समय के स्पिन पार्टनर रविचंद्रन अश्विन ने 37 साल की उम्र में उनके इस्तेमाल की वजह से उन्हें 'बैटिंग ऑल-राउंडर' बताया। दुनिया के सबसे अच्छे स्पिनरों में से एक होने के बावजूद, जडेजा टीम के स्पिन अटैक को लीड नहीं करेंगे, ज्यादातर जिम्मेदारी कुलदीप यादव, मानव सुथार और शायद सारांश जैन पर भी होगी।फिर भी, वह टीम के सबसे अच्छे और सबसे अनुभवी मिडिल-ऑर्डर बैट्समैन में से एक हैं, जिनमें स्पिन के खिलाफ जबरदस्त क्वालिटी है। एक टेस्ट के लिए, लेफ्ट-हैंडर भविष्य के लिए मामलों को मुश्किल किए बिना एक अच्छा शॉर्ट-टर्म फिक्स हो सकता है। उन्होंने पहले भी नंबर चार पर बैटिंग की है, 2019 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 40 (32) रन बनाए थे।
- ध्रुव जुरेल- इस पोजीशन के लिए एक आसान चॉइस। ध्रुव जुरेल दाएं हाथ के हैं और उन्होंने नंबर चार और छह के बीच बैटिंग करते हुए नौ टेस्ट इनिंग खेली हैं। अब तक 34.14 के एवरेज से उनके 478 रन, जिनमें से ज़्यादातर मुश्किल हालात में बने हैं, दिखाते हैं कि वह सिर्फ़ ऋषभ पंत के बैकअप से कहीं ज़्यादा और टीम के लिए एक असली एक्स्ट्रा बैटर होने के लिए काफी अच्छे हैं। पंत की जगह भी 100% पक्की नहीं है, इसलिए यह जुरेल के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का सही मौका हो सकता है।
- देवदत्त पडिक्कल- देवदत्त पडिक्कल इस जॉब के लिए सबसे सही और मुमकिन चॉइस हैं। वह स्पेशलिस्ट बैटिंग रोटेशन के तौर पर टूर का हिस्सा हैं और अगर गिल अवेलेबल नहीं हैं तो उन्हें बुलाया जाना चाहिए। पडिक्कल को साई सुदर्शन के लिए एक कॉम्पिटिशन के तौर पर देखा जा रहा है — जो वार्म-अप गेम नहीं खेल पाएंगे और अभी तक स्क्वाड में शामिल नहीं हुए हैं क्योंकि वह पैर की अंगुली की चोट के रिहैब में हैं — लेकिन तमिलनाडु के बैटर के साथ खेलने के लिए काफी अच्छे हैं। उन्होंने नंबर चार पर काफी बैटिंग की है और पिछले कुछ सालों से रणजी ट्रॉफी में सबसे लगातार बैट्समैन में से एक रहे हैं। इससे इंडिया के बैटिंग ऑर्डर के लिए बहुत सारे लेफ्ट-हैंडर हो जाएंगे, लेकिन एक टेस्ट के सॉल्यूशन के लिए, यह कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए।



