टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों का क्यों हो गया है बुरा हाल, राहुल द्रविड़ ने कमजोरी की उजागर; सुझाव भी दिया

Jan 28, 2026 03:38 pm ISTHimanshu Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

भारत के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि भारतीय खिलाड़ी टेस्ट में खेलने के लिए जरूरी मुश्किल स्किल्स को विकसित करने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। खिलाड़ी लगातार अन्य फॉर्मेट में खेल रहे हैं और टेस्ट पर ज्यादा फोकस नहीं कर रहे।

टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों का क्यों हो गया है बुरा हाल, राहुल द्रविड़ ने कमजोरी की उजागर; सुझाव भी दिया

भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि जो भारतीय बल्लेबाज तीनों फॉर्मेट खेलते हैं, उन्हें अपने लाल गेंद की स्किल को निखारने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है और यही हाल के वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में उनकी कमजोरियों की एक बड़ी वजह है। घरेलू सीरीज में लगातार 12 साल तक एक भी हार न झेलने के बाद भारत ने अपनी पिछली तीन घरेलू सीरीज में से दो गंवाई है।

राहुल द्रविड़ ने बेंगलुरु में रोहित शर्मा पर लिखी गई किताब द राइज ऑफ हिटमैन : द रोहित शर्मा स्टोरी के लॉन्च के दौरान कहा, "एक कोच के तौर पर तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों के बारे में मैंने जो एक बात समझी है, वह यह है कि वे लगातार एक फॉर्मेट से दूसरे फॉर्मेट में स्विच करते रहते हैं।

उन्होंने कहा,"कई बार ऐसा हुआ है कि हम टेस्ट मैच से सिर्फ तीन-चार दिन पहले पहुंचते थे और जब टेस्ट की तैयारी शुरू करते थे, तो पीछे मुड़कर देखने पर पता चलता था कि इन में से कुछ खिलाड़ियों ने आखिरी बार लाल गेंद से चार या पांच महीने पहले खेला था। यह वाकई एक बड़ी चुनौती बन गई है कि आप उन मुश्किल स्किल्स को विकसित करने के लिए समय कैसे निकालें। टर्न लेने वाली पिचों पर खेलना, या सीम करने वाली विकेटों पर खेलना और टेस्ट मैच में घंटों-घंटों तक ऐसा करना आसान नहीं है। इसके लिए खास स्किल चाहिए।"

भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने हाल ही में कहा था कि खिलाड़ियों को टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल रहा और उन्होंने बीसीसीआई से टीम के शेड्यूल में इस बात को ध्यान में रखने का अनुरोध किया था। द्रविड़ ने कहा, "मेरी पीढ़ी में, जब खेल में सिर्फ दो फ़ॉर्मेट थे और फ़्रेंचाइज़ी क्रिकेट जैसी कोई अवधारणा नहीं थी, तब कई बार ऐसा होता था कि मेरे पास टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पूरा एक महीना होता था और मैं लाल गेंद से अभ्यास कर अपने स्किल्स को बेहतर कर पाता था। अब जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेलते हैं या जितना क्रिकेट वे खेल रहे हैं, उसके कारण कभी-कभी उन्हें लाल गेंद की क्रिकेट का अभ्यास करने का समय ही नहीं मिल पाता।

"मुझे लगता है शुभमन ने हाल ही में इसका थोड़ा ज़िक्र किया, क्योंकि उन्होंने इसे खुद महसूस किया है। वे उन खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने हाल ही में हमारे लिए तीनों फ़ॉर्मेट खेले हैं, इसलिए उन्होंने यह समझा होगा कि टेस्ट फॉर्मेट के लिए खुद को तैयार करना उनके लिए कितना मुश्किल हो जाता है।"

भारत टी20 में एक महाशक्ति है। वे इस समय न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 3-0 से आगे हैं और टी20 विश्व कप में ख़िताब बचाने के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेंगे। द्रविड़ के अनुसार, टी20 में भारत की बेहद ऊंची रन गति के पीछे एक वजह यह है कि बल्लेबाज़ शॉर्ट-फॉर्मेट का कितना अधिक अभ्यास कर रहे हैं।

द्रविड़ ने कहा, “आप हिटिंग के पहलू को देखें। आज सफेद गेंद की क्रिकेट में जिस तरह से खिलाड़ी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, वह इसलिए है क्योंकि वे इसका कहीं ज़्यादा अभ्यास कर पा रहे हैं। इनमें से कई लड़के आईपीएल में ढाई महीने बिताते हैं, जहां वे सिर्फ यही अभ्यास करते हैं कि कितने छक्के मार सकते हैं। इसी वजह से वे इसमें और बेहतर हो जाते हैं।”

दूसरी ओर मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत छठे स्थान पर है और 2027 में होने वाले फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें नतीज़ों में बड़ा सुधार करना होगा। द्रविड़ ने बल्लेबाज़ों की हालिया मुश्किलों के लिए दुनिया भर में डब्ल्यूटीसी अंक हासिल करने की होड़ में बनाई जा रही ज्यादा परिणाम-उन्मुख पिचों को भी एक कारण बताया।

उन्होंने कहा, "नतीजा दिलाने वाली पिचों का महत्व अब कहीं ज़्यादा बढ़ गया है। पहले के दौर में आपको सिर्फ सीरीज जीतनी होती थी, हर टेस्ट मैच जीतने का दबाव नहीं होता था। आज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की वजह से घरेलू टीमों पर सभी मैच जीतने का दबाव बढ़ गया है। यही वजह है कि आप ऐसी विकेटें ज्यादा देख रहे हैं, जो गेंदबाजों के पक्ष में बहुत ज्यादा मददगार होती हैं। और यह सिर्फ भारत में ही नहीं, हर जगह हो रहा है।

Himanshu Singh

लेखक के बारे में

Himanshu Singh

हिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)

हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।


परिचय और अनुभव

हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं।


खेल विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग
लाइव मैच कवरेज और डेटा विश्लेषण
खिलाड़ियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और प्रोफाइल
डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट स्ट्रेटजी

और पढ़ें
Cricket News लेटेस्ट मैच अपडेट, IPL 2026 , Orange Cap और Purple Cap की रेस, IPL 2026 Points Table , IPL 2026 Schedule आज के बड़े मुकाबले GT vs RCB Live Score और पल-पल के Live Cricket Score अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। सभी क्रिकेट अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।