वैभव सूर्यवंशी की टी20 के बाद टेस्ट टीम में हो सकती है एंट्री, दिग्गज राहुल द्रविड़ को है उम्मीद
भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टेस्ट क्रिकेट को जिंदा रखने के लिए वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है। हालांकि उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की सलाह दी है।

भारत के पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाते समय एक सही संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। 15 साल के इस युवा खिलाड़ी को व्हाइट-बॉल क्रिकेट में खेलने और अनुभव हासिल करने के पर्याप्त मौके मिलने चाहिए, लेकिन साथ ही रेड-बॉल क्रिकेट को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अब इस संतुलन की असली परीक्षा सूर्यवंशी के सामने है। नया घरेलू सीजन दलीप ट्रॉफी से शुरू हो रहा है और वह इस जोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में खेलते हुए दिखाई देंगे। द्रविड़ ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए सूर्यवंशी को करीब से देखा है। उनका मानना है कि लगातार कुछ रेड-बॉल मैच खेलने का मौका इस 15 साल के खिलाड़ी के लिए खास तौर पर बहुत फायदेमंद होगा, क्योंकि अभी तक उसे इस फॉर्मेट में लगातार खेलने का ज्यादा अवसर नहीं मिला है।
उसे थोड़ा समय देना होगा
डबलिन में ईटीपीएल के लॉन्च के मौके पर क्रिकइंफो से बात करते हुए द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि आपको हमेशा इस संतुलन को बनाए रखना पड़ता है। यह बहुत अच्छी बात है कि सूर्यवंशी को भारत में आईपीएल के जरिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। लेकिन इसके साथ-साथ उसे भारतीय घरेलू क्रिकेट में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने रेड-बॉल करियर को आगे बढ़ाने का समय भी मिल रहा है।”
उन्होंने कहा, "हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट जिंदा रहे, टेस्ट क्रिकेट आगे बढ़े और इसके लिए हमें सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि खेल के सभी फॉर्मेट में खेल सकें। अच्छी बात यह है कि अब सूर्यवंशी को रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका भी मिलेगा। उसने शायद व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में उतना रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है और आपको उसे थोड़ा समय देना होगा। आपको उसके साथ धैर्य रखना होगा। वह शुरुआत में ही इतनी बड़ी कामयाबी हासिल कर चुका है, लेकिन आगे उसके करियर में अच्छे और बुरे दोनों दौर आएंगे। इसलिए लोगों को उसके साथ धैर्य रखना होगा।"
सूर्यवंशी ने अभी तक सिर्फ आठ फर्स्ट-क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उनकी औसत 17.25 की रही है। हालांकि, इन मैचों को भी ऐसे समय में खेला गया जब वह भारत की अंडर-19 टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पाया। इसी लिहाज से दलीप ट्रॉफी सूर्यवंशी के लिए बेहद अहम हो सकती है। ईस्ट जोन अगर फाइनल तक पहुंचता है तो उन्हें लगातार दो और संभवतः तीन रेड-बॉल मैच खेलने का मौका मिल सकता है।
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टेस्ट टीम में मिल सकती है एंट्री
इसके बाद सितंबर में भारत ए की मेजबानी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाले दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में भी उन्हें दो और मौके मिल सकते हैं। द्रविड़ ने सावधान करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उसे कामयाबी मिलेगी, लेकिन ऐसे दौर भी आएंगे जब चीजें उसके लिए अच्छी तरह काम नहीं करेंगी। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और उसके सामने अभी बहुत लंबा सफर है।”
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए अगर सूर्यवंशी दुनिया भर की टी 20 प्रतियोगिताओं में खेलने के बजाय भारतीय घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेल रहा है, तो यह अच्छी बात है। वह आगे बढ़ रहा है और रेड-बॉल क्रिकेट में अपने कौशल को बेहतर कर रहा है।" द्रविड़ को उम्मीद है कि अगर सूर्यवंशी ने रेड-बॉल क्रिकेट में भी वैसा ही अच्छा प्रदर्शन किया, जैसा उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में किया है, तो एक दिन वह भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि किसी दिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करता है और व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तरह रेड-बॉल क्रिकेट में भी अच्छा करता है, तो वह भारत के लिए रेड-बॉल खिलाड़ी बन सकता है। और अगर ऐसा होता है, तो यह पूरी क्रिकेट दुनिया के लिए भी शानदार होगा।"



