कुलदीप यादव को नहीं समझ पाएगी यह बल्लेबाजों की दुनिया, अश्विन ने टीम मैनेजमेंट को बुरी तरह धोया
कुलदीप यादव को लगातार इग्नोर किया जा रहा है। वे टीम में होते हैं, लेकिन प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पाते। कोच और कप्तान का मानना होता है कि प्योर स्पिन नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें ऑलराउंडर चाहिए।

कुलदीप यादव इस समय अपने आप को सबसे ज्यादा अनलकी समझते होंगे, क्योंकि वे टीम में होते हैं, लेकिन प्लेइंग इलेवन में नहीं होते। बात चाहे टेस्ट की करें, वनडे की करें या फिर टी20 क्रिकेट की। प्योर स्पिनर होने की वजह से उन्हें मौका नहीं मिल पाता है। कुछ मैचों में खेलते हैं, लेकिन रिदम में आने से पहले ही उन्हें ड्रॉप कर दिया जाता है। कोच और कप्तान का तर्क होता है कि उन्हें टीम में ऑलराउंडर चाहिए या प्योर बैटर। कुलदीप गेंदबाजी में अव्वल हैं, लेकिन बल्लेबाजी उतनी अच्छी नहीं कर पाते, जो मैनेजमेंट को चाहिए। हालांकि, इस पर आर अश्विन ने बयान दिया है कि कुलदीप को खेलना ही बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह बल्लेबाजों की दुनिया है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब से गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, तब से टीम इंडिया ने 104 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 38 मैचों में कुलदीप यादव प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे हैं। अश्विन ने भी हार मान ली है कि कहा है कि कुलदीप को लगातार मौके मिलने की संभावना कम है। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "कुलदीप को बिल्कुल नहीं खेलना चाहिए। इसकी कोई ज़रूरत नहीं है।"
बल्लेबाजों की दुनिया है- अश्विन
अश्विन ने कहा, "यह बल्लेबाजों की दुनिया है, जो कभी बॉलर का कॉन्फिडेंस और रिदम नहीं समझ सकती। मैं इंडियन क्रिकेट का बहुत बड़ा शौकीन हूं - मैं हमेशा इंडियन क्रिकेट के बारे में सोचता हूं। जब IPL चल रहा होता है, तब भी मैं सोचता रहता हूं, 'यह इंडियन क्रिकेट के लिए क्या कर सकता है?' कुलदीप उस स्टेज पर है जहां वह 35 या 36 साल की उम्र तक खेलेगा। उसका अच्छा कॉन्ट्रैक्ट है; वह हाल ही में IPL ट्रेड में गया था - उसे अपना बैग पैक करके आ जाना चाहिए था। जैसा मोहम्मद कैफ ने कहा, इसका क्या मतलब है?"
अश्विन ने उन्हें अभी का सबसे अच्छा रिस्ट स्पिनर बताया और कहा, "कुलदीप ने 120 मैचों में लगभग 170 विकेट लिए हैं। अगर आप दुनिया भर के रिस्ट स्पिनरों को देखें, तो वह एडम जैम्पा से भी बेहतर हैं। हम एडम जैम्पा को व्हाइट-बॉल के बेहतर स्पिनरों में से एक मानते हैं। वह उन सभी से आगे हैं। कल से पहले, मैं कहता था - कुलदीप को किट बैग के साथ वहीं रहना चाहिए और अपनी बैटिंग को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन कल (तीसरे ODI) के बाद, बहुत कुछ बदल गया।
आपने फिर भी कुलदीप को नहीं खिलाया- अश्विन
अश्विन ने आगे कहा, "इस टीम में, जहां आपको नंबर 8 पर बैटिंग की जरूरत नहीं है - आप बॉलिंग स्ट्रेंथ के साथ गए - और फिर भी, जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद, आप अभी भी कुलदीप यादव को नहीं ले रहे हैं। इसका मतलब है कि कुलदीप यादव पर मैनेजमेंट का भरोसा बिल्कुल जीरो है। टीम मैनेजमेंट को कुलदीप यादव पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। हमारे जाने के बाद, उसका चांस कहां है? उसे अब नंबर वन बनना है, लेकिन उसमें कॉन्फिडेंस नहीं दिखाया जा रहा। कुलदीप आगे कैसे जाएगा? उसके लिए आगे क्या डायरेक्शन है?"
उन्होंने आगे टीम मैनेजमेंट पर थोड़ा बहुत पक्षपात का आरोप भी लगाया और कहा, "मुझे पता है कि हर किसी के अपने पसंदीदा होते हैं। यह नामुमकिन है कि कोई आकर कहे, 'मैं सबके साथ एक जैसा बर्ताव करूंगा।' बिना एहसास हुए भी, आपके अपने पसंदीदा होंगे। वो तो होंगे ही, लेकिन यह मामला बहुत अजीब है। कल कुलदीप के लिए एक बड़ा झटका था।"
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Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
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