ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप से बाहर होने पर भड़के अश्विन, टीम की गंभीरता और 'इरादों' पर उठाए कड़े सवाल

Feb 18, 2026 09:56 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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टी-20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर साबित हुआ है। इस शर्मनाक हार के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के रवैये और उनकी प्रतिबद्धता पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 

ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप से बाहर होने पर भड़के अश्विन, टीम की गंभीरता और 'इरादों' पर उठाए कड़े सवाल

टी-20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर साबित हुआ है। इस शर्मनाक हार के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के रवैये और उनकी प्रतिबद्धता पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अपने यूट्यूब प्रोग्राम ऐश की बात में खेल पत्रकार विमल कुमार से चर्चा के दौरान अश्विन ने सवाल उठाया कि क्या ऑस्ट्रेलिया वास्तव में टी-20 विश्व कप को उतनी गंभीरता से ले रहा है जितनी जरूरत है। उन्होंने टीम की विदाई को केवल खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि इस प्रारूप के प्रति उनके दृष्टिकोण की कमी बताया है। अश्विन का मानना है कि जिस देश के पास क्रिकेट की इतनी बेहतरीन गहराई और गुणवत्ता हो, उसका इस तरह बाहर होना चिंताजनक है।

अश्विन ने टीम चयन और प्रमुख गेंदबाजों की अनुपस्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के पास जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, उन्होंने मिचेल स्टार्क के भविष्य पर भी बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका समय अब समाप्त हो चुका है। अश्विन के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया ने इस विश्व कप में वह जज्बा और 'भूख' नहीं दिखाई जो एक विश्व विजेता टीम में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने थोड़ी और अधिक मेहनत की होती, तो हम मैदान पर एक बहुत ही बेहतर प्रदर्शन देख सकते थे।

भारतीय टीम के साथ तुलना करते हुए अश्विन ने बताया कि भारत ने हमेशा से विश्व कप जीतने के लिए लगातार और कड़े प्रयास किए हैं, भले ही सफलता मिलने में समय लगा हो। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया इस बार वह संघर्ष करते हुए नहीं दिखा। आंकड़ों की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में बेहद साधारण रहा। जिम्बाब्वे जैसी टीम के खिलाफ भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज 170 रन के लक्ष्य को हासिल करने या बनाने के लिए बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए थे। अश्विन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेटिंग नेशन के लिए यह प्रयास पर्याप्त नहीं थे।

गौरतलब है कि ग्रुप-B में ऑस्ट्रेलिया की टीम 3 मैचों में केवल 2 अंक ही जुटा सकी और चौथे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। उनके स्थान पर जिम्बाब्वे ने 5 अंकों के साथ सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया है। अश्विन की यह कठोर टिप्पणी बताती है कि केवल नाम और इतिहास के दम पर बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते जा सकते, बल्कि इसके लिए मैदान पर सही रणनीति और समर्पण की आवश्यकता होती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया इस हार से सबक लेकर अपने टी-20 ढांचे में कोई बड़ा बदलाव करता है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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