
विश्व कप के लिए बनाई गई पिचों से खुश हुए अश्विन, ICC की तारीफ में कह दी ये बड़ी बात
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के लिए तैयार की गई पिचों की जमकर सराहना की है। उनके इसके लिए ICC यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को विशेष श्रेय दिया है। उन्होंने क्या कुछ कहा जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के लिए तैयार की गई पिचों की जमकर सराहना की है। उन्होंने इसके लिए ICC यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को विशेष श्रेय दिया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर चर्चा करते हुए कहा कि टूर्नामेंट की शुरुआत में हर कोई यह उम्मीद कर रहा था कि यह एक हाई-स्कोरिंग वर्ल्ड कप होगा, लेकिन अब तक की पिचों ने उन उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया है। अश्विन के अनुसार, ICC ने ऐसी पिचें तैयार की हैं जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच एक वास्तविक और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अश्विन का मानना है कि इससे खेल की गरिमा बढ़ती है।
अश्विन ने विस्तार से बताते हुए कहा कि टेस्ट खेलने वाले देश अक्सर आईपीएल और द्विपक्षीय सीरीज की तरह 'बैटिंग ब्यूटीज' या सपाट पिचों की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन इस बार उन्हें यहां बड़ा सरप्राइज मिला है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय टीम भी वहां की पारंपरिक सपाट पिच की उम्मीद कर रही थी, लेकिन जो पिच मिली वह काफी अलग और 'टैकी' (गेंद फंसकर आने वाली) थी। अश्विन का मानना है कि पिच की इस प्रकृति ने टीमों को हैरान कर दिया है। उन्हें वह गति और उछाल नहीं मिल रहा है जिसकी उन्होंने भविष्यवाणी की थी। इसकी वजह से खेल और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
दिग्गज स्पिनर का तर्क है कि जब मैच में बल्ले और गेंद के बीच सही संतुलन होता है, तो T20 क्रिकेट देखना और भी अच्छा हो जाता है। उनके अनुसार, 140, 150 या 160 के आसपास के स्कोर वाले मैचों में रोमांच अधिक होता है क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में 'अंडरडॉग' या छोटी टीमों के पास बड़ी टीमों को मात देने का बेहतर मौका होता है। अश्विन ने जोर देकर कहा कि यदि हर मैच में केवल बड़े स्कोर ही बनेंगे, तो गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं बचेगा। इसलिए, ICC द्वारा तैयार की गई ये पिचें काबिल-ए-तारीफ हैं। क्योंकि ये बल्लेबाज और गेंदबाज के साथ भेदभाव नहीं करती हैं और दोनों के लिए समान चुनौती होती है।
अश्विन ने भारतीय टीम के ए़डाप्टिबिलिटी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि टीमों को पिच को बेहतर ढंग से पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने सूर्यकुमार यादव की पारी की सराहना करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने शुरुआत में समय लिया और परिस्थितियों को समझकर अंत में बड़े शॉट खेले। अश्विन का मानना है कि यदि पिच में मदद है, तो बल्लेबाजों को थोड़ी अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी और गेंदबाजों को मौका देना होगा। उन्होंने कहा कि संतुलित पिचों पर खेला जाने वाला यह विश्व कप दर्शकों के लिए एक शानदार अनुभव साबित हो रहा है। यहां हर रन और हर विकेट के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।






