
पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए महज 72 गेंदों में ठोक दी सेंचुरी, रणजी ट्रॉफी में बना दिया रिकॉर्ड
पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए महज 72 गेंदों में सेंचुरी ठोकी है, जो इस टीम के लिए उनका पहला शतक है। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने एक रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है। वे इस टूर्नामेंट के इतिहास का छठा सबसे तेज शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
महाराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए पृथ्वी शॉ का पहली पारी में खाता नहीं खुला था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने 75 रन बनाए थे। अगले मैच में उनका बल्ला गरजा और महज 72 गेंदों में शतक ठोक दिया। इसी के साथ उन्होंने रणजी ट्रॉफी में एक रिकॉर्ड कायम कर दिया। पृथ्वी शॉ रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम गेंदों में शतक ठोकने वाले छठे बल्लेबाज बन गए।

भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में मेजबान चंडीगढ़ के खिलाफ अपने दूसरे मैच में महाराष्ट्र के लिए तेजतर्रार पहली रणजी ट्रॉफी सेंचुरी जड़कर शानदार वापसी की। पहली पारी में केवल आठ रन पर आउट होने वाले पृथ्वी शॉ की टीम महाराष्ट्र ने पहली पारी में 104 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
इस मुकाबले के तीसरे दिन की सुबह पृथ्वी शॉ ने केवल 72 गेंदों में 13 चौकों की मदद से घरेलू सत्र का अपना पहला शतक जड़ा, जो रणजी ट्रॉफी के इतिहास का संयुक्त रूप से छठा सबसे तेज शतक है। रणजी ट्रॉफी में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम है, जिन्होंने 2016-17 सीजन में 48 गेंदों में शतक जड़ा था। शॉ से पहले सबसे कम गेंदों में शतक तक पहुंचने वाले अन्य खिलाड़ियों में रियान पराग (56 गेंद), आरके बोरा (56), एस रूबेन पॉल (60), रजत पाटीदार (68) और नमन ओझा (69) का नाम शामिल हैं।
कभी भारतीय क्रिकेट में अगले बड़े स्टार के रूप में देखे जाने वाले पृथ्वी शॉ ने पिछले कुछ साल में करियर में उतार-चढ़ाव देखें हैं। कभी फिटनेस तो कभी ऑन फील्ड विवाद, कभी कफ सीरप की वजह से बैन तो कभी अनुशासन संबंधी समस्याओं के अलावा खराब फॉर्म की वजह से वे चर्चा का केंद्र रहे। भारत के लिए 5 टेस्ट, छह वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके इस प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज ने आखिरी बार जुलाई 2021 में इंटरनेशनल मैच खेला था।






