सिलेक्टर से नहीं डरें खिलाड़ी...क्या रहाणे की सलाह मानेगा BCCI? पुजारा ने भी खुलकर रखी अपनी बात

सिलेक्टर से नहीं डरें खिलाड़ी...क्या रहाणे की सलाह मानेगा BCCI? पुजारा ने भी खुलकर रखी अपनी बात

संक्षेप:

अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने सिलेक्टर्स की नियुक्ति में आमूल-चूल बदलाव की सिफारिश की है। क्या भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) रहाणे की सलाह मानेगा? वहीं, चेतेश्वर पुजारा ने भी खुलकर अपनी बात रखी है।

Oct 14, 2025 10:46 pm ISTMd.Akram नई दिल्ली, भाषा
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भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने चयनकर्ताओं की नियुक्ति में आमूल-चूल बदलाव का प्रस्ताव दिया है, विशेषकर घरेलू स्तर पर और कहा कि सिर्फ हाल में संन्यास लेने वाले प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को ही टीम चुनने का काम सौंपा जाना चाहिए क्योंकि वे खेल के बदलते स्वरूप के साथ तालमेल बिठाने में अधिक सक्षम होते हैं। वर्तमान में प्रथम श्रेणी के 10 मैचों के अनुभव वाला कोई भी क्रिकेटर राज्य चयनकर्ता बनने के लिए आवेदन कर सकता है और उसे कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना चाहिए। निर्धारित मानदंडों से परे रहाणे ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि चयनकर्ताओं की मानसिकता और दृष्टिकोण क्रिकेट की वर्तमान गति के अनुरूप हो।

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रहाणे ने अपने पूर्व साथी चेतेश्वर पुजारा के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा, ‘‘खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं से डरना नहीं चाहिए। मैं चयनकर्ताओं के बारे में बात करना चाहता हूं, खासकर घरेलू क्रिकेट में। हमारे पास ऐसे चयनकर्ता होने चाहिए जिन्होंने हाल में शीर्ष स्तर की क्रिकेट से संन्यास लिया हो जो पांच-छह साल, सात-आठ साल पहले संन्यास ले चुके हों।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि क्रिकेट जिस तरह से विकसित हो रहा है, मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि चयनकर्ताओं की मानसिकता और सोच उससे मेल खाए और वे बदलाव के साथ तालमेल बिठाए। खेल विकसित हो रहा है। 20-30 साल पहले क्रिकेट कैसे खेला जाता था, इसके आधार पर हम फैसले नहीं लेना चाहते।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘टी20 और आईपीएल जैसे प्रारूपों में आधुनिक क्रिकेट खिलाड़ियों की शैली को समझना जरूरी है। मेरा मानना ​​है कि जहां तक संभव हो, चयनकर्ता सभी राज्यों से होने चाहिए और खिलाड़ियों को मैदान पर आजादी से, निडर होकर क्रिकेट खेलना चाहिए।’’ एक दशक से भी ज्यादा समय से भारत के नंबर तीन बल्लेबाज रहे पुजारा भी रहाणे के दृष्टिकोण से आंशिक रूप से सहमत थे लेकिन इस मुद्दे पर ज्यादा संतुलित राय रखते हैं।

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पुजारा ने कहा, ‘‘बड़े राज्यों में इसे लागू किया जा सकता है क्योंकि उनके पास बहुत सारे विकल्प हैं। इसलिए जहां तक संभव हो मैं इस बात से सहमत हूं कि इसे लागू किया जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह है कि किसी भी पूर्व क्रिकेटर को इस मौके से वंचित कर दिया जाना चाहिए क्योंकि वह बहुत पहले ही संन्यास ले चुका है जिसका रिकॉर्ड शानदार रहा है और जो अब चयनकर्ता बनना चाहता है। ’’ रहाणे और पुजारा दोनों का मानना ​​था कि सीनियर टेस्ट टीम का चयन करते समय घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन को उचित महत्व दिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

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मोहम्मद अकरम, लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। अकरम को पत्रकारिता में 8 साल से ज्यादा का अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं। अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। और पढ़ें
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