Hindi Newsक्रिकेट न्यूज़People think that someone who cannot speak English is not fit to be a captain says Axar Patel
लोग तो यही समझते हैं जो अंग्रेजी नहीं बोल सकता वो कप्तानी के लायक नहीं: अक्षर पटेल

लोग तो यही समझते हैं जो अंग्रेजी नहीं बोल सकता वो कप्तानी के लायक नहीं: अक्षर पटेल

संक्षेप:

ऑलराउंडर और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कप्तानी को लेकर चली आ रही आम धारणा पर चोट किया है। उन्होंने कहा कि लोग पर्सनैलिटी और अंग्रेजी बोल पाने को ही कप्तानी का पैमाना मानते हैं। सिर्फ इस आधार पर किसी को कप्तानी मटैरियल मानने से इनकार कर देते हैं कि वो अंग्रेजी नहीं बोल पाता।

Nov 13, 2025 11:09 am ISTChandra Prakash Pandey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ऑलराउंडर और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कप्तानी को लेकर चली आ रही आम धारणा पर चोट किया है। उन्होंने कहा कि लोग पर्सनैलिटी और अंग्रेजी बोल पाने को ही कप्तानी का पैमाना मानते हैं। सिर्फ इस आधार पर किसी को कप्तानी मटैरियल मानने से इनकार कर देते हैं कि वो अंग्रेजी नहीं बोल पाता। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट से पहले अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ये बातें कही हैं।

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इंटरव्यू में अक्षर पटेल ने कप्तानी को लेकर लोगों की धारणा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कप्तानी के लिए किसी खिलाड़ी की पर्सनैलिटी और अंग्रेजी बोलने की क्षमता को लोग तवज्जो देते हैं न कि क्रिकेट से जुड़े कौशल को।

अक्षर ने कहा, ‘लोग कहना शुरू कर देते हैं- ओह, वह कप्तानी मटैरियल नहीं है, वह अंग्रेजी नहीं बोलता है। वह कैसे बात करेगा? ये है, वो है।’

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स्टार ऑलराउंडर ने आगे कहा, 'अरे, कप्तान का काम सिर्फ बात करना थोड़े होता है। कप्तान का काम खिलाड़ी को जानना होता है और उससे उसका बेस्ट कैसे निकलवाना है, ये जानना होता है। उसकी ताकत क्या है, उसकी कमजोरी क्या है, ये समझना होता है। कप्तान को पता होता है कि हमारे पास ये खिलाड़ी है और मुझे उससे कैसे काम निकलवाना है। और मैच के हालात के हिसाब से अब किसे गेंद सौंपनी है।'

अक्षर पटेल ने आगे कहा, ‘लेकिन नहीं, हम कहते हैं कि पर्सनैलिटी चाहिए, अच्छा इंग्लिश बोलना चाहिए- ये धारणा लोगों की अपनी सोच के आधार पर बनी है। मैंने इस साल दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की और मुझे बहुत सारी तारीफ मिली। मुझे लगता है कि ऐसा और भी होगा और आने वाले समय में अभी और ज्यादा बदलाव आएंगे।’

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उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी व्यक्तिगत सोच और नजरिए को बदलने की जरूरत है। ये सोचना बंद कीजिए कि उसकी पर्सनैलिटी अच्छी है, वह इंग्लिश बोल सकता है तो वह कैप्टन मटैरियल है। कप्तानी के बारे में एक चीज तो होनी ही चाहिए कि किसी तरह की भाषा की दीवार न हो।

Chandra Prakash Pandey

लेखक के बारे में

Chandra Prakash Pandey
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय टीवी पत्रकारिता से शुरुआत। न्यूज24, हमार टीवी, श्री न्यूज, फोकस न्यूज और न्यूज वर्ल्ड इंडिया में अलग-अलग भूमिकाओं के बाद 2016 में नवभारत टाइम्स.कॉम के साथ डिजिटल पारी का आगाज। देश, दुनिया, राजनीति, खेल, अदालत, अपराध से जुड़ीं खबरों पर लेखन। एनबीटी में करीब 9 साल की शानदार पारी के बाद मार्च 2025 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा और स्पोर्ट्स डेस्क इंचार्ज। मूल रूप से यूपी के देवरिया के निवासी। सीखने और समझने के सतत क्रम में भरोसा। और पढ़ें
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