‘लोग गलतफहमी में जी रहे हैं कि रोहित शर्मा और विराट कोहली….’, मुनाफ पटेल का सनसनीखेज बयान
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने कहा है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के बिना 2027 का विश्व कप भारत नहीं जीत सकेगा। उन्होंने कहा कि लोग गलतफहमी में जी रहे हैं कि रोहित शर्मा और विराट कोहली खत्म हो गए हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। यह सीरीज भारत की विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है, जिसके बारे में कप्तान शुभमन गिल ने भी बयान दिया था। हालांकि, कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा इस वनडे सीरीज में अडर द स्कैनर होंगे। अगर प्रदर्शन नहीं करते हैं तो 2027 विश्व कप में जगह बनाने में मुश्किल हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इन दोनों दिग्गजों को यह तो कहा है कि 2027 के विश्व कप के प्लान का हिस्सा हैं, लेकिन यह प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि क्या रोहित और विराट 2027 का वनडे विश्व कप खेल पाएंगे या नहीं?
यही सवाल वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार ने पूर्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल से पूछा। जिसके जवाब में मुनाफ पटेल ने बिना किसी लाग लपेट के साफ शब्दों के कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना भारतीय टीम 2027 का वनडे विश्व कप नहीं जीत सकेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह का अनुभव और टैलेंड इन खिलाड़ियों में है, वैसा अभी किसी में नहीं है और ना ही कोई रिप्लेसमेंट आया है। जो भी वनडे फॉर्मेट में भारत के पास खिलाड़ी आए हैं वे नए हैं और उन्हें अनुभव की जरूरत है।
लोग गलतफहमी में जी रहे हैं, रोहित विराट के बिना WC नहीं
मुनाफ पटेल से पूछा गया कि आपने सीनियर प्लेयर्स की बात की तो रोहित शर्मा और विराट कोहली दो फॉर्मेट छोड़ चुके हैं वे सिर्फ वनडे क्रिकेट में खेल रहे हैं। 2027 वर्ल्ड कप को लेकर इन्हें आप कैसे देखते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए मुनाफ पटेल ने कहा "इनके बिना वर्ल्ड कप नहीं जीत सकते। अगर 2027 का वर्ल्ड कप हमें जीतना है तो हम रोहित विराट के बिना नहीं जीत सकते।" जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो कहा "देख लीजिए, मैं एक साल का नहीं कह रहा आप 10 साल के रिकॉर्ड उठा के देख लीजिए। रोहित शर्मा और विराट कोहली को गेंदबाज बॉल डालने से डरते हैं। लोग गलतफहमी में जी रहे हैं कि रोहित शर्मा और विराट कोहली खत्म हो गए हैं। टैलेंट कभी खत्म नहीं हो सकता। ये तो टैलेंटेड लोग हैं। जिन्होंने आपकी कंट्री के लिए 14-15 हजार रन बना दिए हों, वो भी एक फॉर्मेट के लिए, रोहित 11 हजार रन बनाकर बैठे हैं, उनके लिए आप कैसे सवाल खड़े कर सकते हैं। मैं ये बात इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जो बाकी भारतीय प्लेयर हैं, वे अभी वनडे फॉर्मेट के लिए तैयार हो रहे हैं। उन दोनों की जगह लेने वाला आज भी कोई नहीं है।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



