PCB ने शान मसूद को बलि का बकरा बनाया, बाबर आजम को कप्तानी मिलने के बाद बोले रमीज राजा
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के आगामी दौरों के लिए शान मसूद को टेस्ट कप्तानी से हटाने पर और बाबर आजम को टीम कमान सौंपे जाने पर पीसीबी की आलोचना की है।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के आगामी दौरों के लिए शान मसूद को टेस्ट कप्तानी से हटाने पर और बाबर आजम को टीम कमान सौंपे जाने पर पीसीबी की आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर सीधा निशाना साधा है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बाबर आजम को फिर से कप्तान बना दिया है और यह बात रमीज को पसंद नहीं आई। वह इससे नाखुस दिखे और निर्णय उन्हें नागवार गुजरा। वह खुद भी क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि बाबर ने 2020 से 2023 तक राष्ट्रीय टेस्ट टीम की कप्तानी की थी। उसके बाद उन्हें कप्तानी से हटाया गया था क्योंकि इस दौरान आजम की फॉर्म डिप हुई थी। रमीज ने अपने 'यूट्यूब चैनल' पर कहा, ''आप उन्हें एक साधारण टेस्ट टीम देते हैं और फिर उनसे अच्छे नतीजों की उम्मीद करते हैं। ‘’ उन्होंने कहा कि बाबर को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। बाबर को कैरिबियाई और इंग्लैंड के आगामी दौरों के लिए शान की जगह टेस्ट कप्तान बनाया गया है।
शान की जगह होता तो लिखित विरोध दर्ज कराता
रमीज ने पीसीबी अधिकारियों पर बरसते हुए कहा, ''अगर मैं शान की जगह होता तो मैं बोर्ड को लिखित में विरोध दर्ज कराता कि जब किसी कप्तान को लगातार साधारण खिलाड़ियों का ग्रुप दिया जाता है तो आप अच्छे नतीजों की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? अगर टेस्ट टीम का स्तर अच्छा नहीं है तो इसके लिए सिर्फ कप्तान ही कैसे जिम्मेदार हो सकता है? ‘’ दिसंबर 2023 से 16 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी करने के बाद शान को हटाया गया जिनमें टीम को 12 हार का सामना करना पड़ा था। सीनियर चयनकर्ता आकिब जावेद ने हाल में खराब फैसलों के लिए निवर्तमान कप्तान को दोषी ठहराया है।
वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में बाबर आजम के लिए चुनौती
रमीज इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि कप्तान उतना ही अच्छा होता है जितने अच्छे खिलाड़ी उसे दिए जाते हैं। पाकिस्तान की टीम 13 जुलाई को वेस्टइंडीज के लिए रवाना होगी जहां वह दो टेस्ट मैच खेलेंगे। टीम फिर अगस्त और सितंबर में तीन और लाल गेंद के मैचों के लिए इंग्लैंड जाएगी। इंग्लैंड की सरजमी पर पाकिस्तान की साधारण टीम के साथ बाबर आजम क्या कमला दिखा पाएंगे यह देखने वाली बात होगी। वेस्टइंडीज में भी टीम का कैसा प्रदर्शन होगा यह भी दुनिया के लोगों की नजर में होगा। अगर बाबर आजम भी इन सीरीजों में टीम को बेहतर रिजल्ट देने में फेल हो जाते हैं तब तो पीसीबी को यह मानना ही पड़ेगा कि टीम में ही कमी है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



