IPL के लिए PSL को ठेंगा दिखाने वाले ब्लेसिंग मुजरबानी पर PCB ने लगाया 2 साल का बैन
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल को ठेंगा दिखाकर आईपीएल को चुनने वाले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर बैन लगा दिया है। इस्लामाबाद यूनाइटेड से करार के बाद भी आईपीएल से जुड़ने को लेकर उनके पीएसएल खेलने पर 2 साल का बैन लगाया है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल को ठेंगा दिखाकर आईपीएल को चुनने वाले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर बैन लगा दिया है। मुजरबानी को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने साइन किया था। इसके बाद भी उन्होंने आईपीएल के लिए केकेआर की पेशकश को स्वीकार किया। अब पीसीबी ने मुजरबानी पर अगले दो साल तक पीएसएल में खेलने पर बैन लगा दिया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मंगलवार को बताया कि मुजरबानी पीएसएल में 'अगले दो सीजन तक नहीं खेल पाएंगे' और ये फैसला 'तत्काल प्रभाव से लागू' है। बोर्ड ने कहा कि ये फैसला पीएसएल के पेशवर माहौल की रक्षा के लिए लिया गया है।
बयान में कहा गया है कि फ्रेंचाइजी आधारित लीग में हिस्सा लेने के लिए प्रोफेशनलिज्म जरूरी है। अग्रीमेंट से बंधे होने के बावजूद एक अलग अग्रीमेंट में जाना खेल के अपेक्षित मानकों के खिलाफ है।
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी इससे पहले मुल्तान सुल्तान्स की तरफ से पीएसएल टाइटल जीता था। लेकिन इस साल फरवरी में पहली बार पीएसएल के लिए हुई नीलामी में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। बाद में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ को रिलीज करने के बाद मुजरबानी को साइन किया।
बाद में मुजरबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड को बताया कि वह पीएसएल 2026 नहीं खेलेंगे। उन्हें पिछले महीने ही कोलकाता नाइट राइडर्स ने ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान की जगह पर मुजरबानी को अपने स्क्वाड में लिया है।
मुजरबानी की तरह ही पिछले साल कॉर्बिन बोश ने भी पीएसएल से अपना करार तोड़ आईपीएल का दामन थामा था। उन्हें पेशावर जल्मी ने डायमंड पिक के तौर पर लिया था लेकिन बाद में मुंबई इंडियंस ने अपने एक चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के तौर पर लेने के लिए उनसे संपर्क किया। कॉर्बिन बॉश ने एमआई की पेशकश कबूल कर ली थी। उन पर भी पीएसएल खेलने पर एक साल का प्रतिबंध लगा था।
जिम्बाब्वे के पेसर ब्लेसिंग मुजरबानी ने इस साल टी20 वर्ल्ड में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने सिर्फ 6 मैच में 13 विकेट चटकाए और वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनकी कातिल गेंदबाजी के दम पर ही जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 तक पहुंचने में कामयाब रही थी।
आईपीएल 2026 में ब्लेसिंग मुजरबानी ने कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से अब तक 2 मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 10.71 की इकॉनमी और 18.75 की औसत से कुल 4 विकेट लिए हैं। एक मैच में उन्हें कोई विकेट ही नहीं मिला था, जबकि एक अन्य मैच में उन्होंने 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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