पाकिस्तान-श्रीलंका फेल, भारत एकमात्र एशियाई टीम; अब बांग्लादेश करना चाहता है ये ऐतिहासिक कारनामा
बांग्लादेश की नजरें ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज हराने पर है। अभी तक सिर्फ भारत ही एकमात्र ऐसी एशियन टीम है, जिसने यह कारनामा करके दिखाया है। पाकिस्तान-श्रीलंका हर बार फेल हुआ है।

ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच जीतने वाली बांग्लादेश की टीम की नजरें एक और ऐतिहासिक कारनामे पर है। मेहमान टीम के हरफनमौला मेहदी हसन मिराज ने अब ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश ने दो टेस्ट मैच की सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया। 22 अगस्त से दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला खेला जाना है। अगर यह टेस्ट बांग्लादेश जीतता है या फिर मुकाबला ड्रॉ भी रहता है तो मेहमान टीम इतिहास रच देगी। बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाली भारत के बाद दूसरी एशियाई टीम बन जाएगी। पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें आज तक ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है, जबकि भारत ने यह कारनामा 2 बार करके दिखाया है।
ICC के हवाले से मेहदी हसन मिराज ने कहा, "बेशक हम उसी तरह (सीरी जीतने) सोच रहे हैं, और हम अपने अप्रोच पर फोकस रखना चाहते हैं। जब से हमने पहला मैच जीता है, एक और भी बड़ी चुनौती हमारा इंतजार कर रही है। (लेकिन) टेस्ट मैच जीतना कभी आसान नहीं होता। अभी, हम बस इस मोमेंटम को आगे बढ़ाना चाहते हैं, और हम अगले मैच के लिए बाद में प्लान करेंगे।"
बांग्लादेश को पहले टेस्ट में अपनी XI के अलग-अलग खिलाड़ियों से काफी अच्छी परफॉर्मेंस मिलीं, जिसमें प्लेयर ऑफ द मैच हसन महमूद ने पहली इनिंग में छह और मैच में नौ विकेट लिए, ओपनर तनजीद हसन ने जब मैच दांव पर था तब शानदार सेंचुरी बनाई और मिराज ने बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा योगदान दिया। यह जीत तब आई जब टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले वॉर्म अप मैच में बांग्लादेश 54 रनों पर सिमट गया था। मिराज ने कहा कि टीम के मैनेजमेंट ने कभी अपनी काबिलियत पर भरोसा नहीं खोया।
उन्होंने आगे कहा, "जब मैं खुद स्ट्रगल कर रहा था, हमारे टीम मैनेजर, नफीस मिराज ने कहा, "इकबाल ने मुझे इन हालात में कैसे खेलना है, इस बारे में बहुत हिम्मत दी।" मैं मेंटली बहुत खुश था और उनसे बहुत बातें कीं। एक समय तो उन्होंने नेट्स में मुझे बॉलिंग भी की, और मैंने उनकी बॉलिंग का सामना किया।
मैं टीम मैनेजमेंट से मुश्ताक अहमद का भी जिक्र करना चाहता हूं। पहला मैच हारने के बाद, वह हर एक प्लेयर के पास गए और हमसे कहा, 'भरोसा रखो। अगर तुम विश्वास करते हो, तो जीतना मुमकिन है, और विश्वास तुम्हें बहुत आगे ले जा सकता है। उन छोटी-छोटी चीज़ों से शुरू करके, हमने विश्वास करना शुरू किया, और आज आप सब रिज़ल्ट देख सकते हैं।"



