
2026 विश्व कप के लिए इस अमेरिकी क्रिकेटर को भारत ने नहीं दिया वीजा; पाकिस्तान से है खास कनेक्शन
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन अमेरिकी क्रिकेट टीम की तैयारियों को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज अली खान का भारतीय वीजा आवेदन खारिज कर दिया गया है, जिससे टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन अमेरिकी क्रिकेट टीम की तैयारियों को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज अली खान का भारतीय वीजा आवेदन खारिज कर दिया गया है, जिससे टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। अली खान ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस खबर की पुष्टि की है, जिससे अमेरिकी टीम के लिए ऐन वक्त पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पाकिस्तान से जुड़ाव बना कारण
वीजा खारिज होने के पीछे मुख्य कारण अली खान का पाकिस्तान से जुड़ाव माना जा रहा है। स्रोतों के अनुसार, पाकिस्तान में जन्मे खिलाड़ियों या जिनके पास पाकिस्तानी दस्तावेजों से जुड़े लिंक हैं, उन्हें भारत में आयोजित होने वाले मैचों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जांच और लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। केवल अली खान ही नहीं, बल्कि मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया चर्चाओं के अनुसार विकेटकीपर-बल्लेबाज शायन जहांगीर और गेंदबाज एहसान आदिल व मोहम्मद मोहसिन को भी इसी तरह की वीजा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल यूएसए क्रिकेट या आईसीसी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
KFC खाते हुए दी जानकारी
अली खान ने इस गंभीर स्थिति पर एक अनोखे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की, जिसमें वह केएफसी (KFC) यानी केंटुकी फ्राइड चिकन का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी फोटो के साथ लिखा, "इंडिया वीजा खारिज कर दिया गया, लेकिन केएफसी की जीत हुई।" यह खबर अमेरिका के लिए इसलिए भी परेशान करने वाली है क्योंकि उनके ग्रुप-ए का कार्यक्रम पूरी तरह भारत पर आधारित है। अमेरिका को 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मेजबान भारत का सामना करना है, जिसके बाद चेन्नई में उनके नीदरलैंड और नामीबिया के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले होने हैं।
टीम की रणनीति पर असर
क्रिकेट के नजरिए से देखा जाए तो अली खान जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज को खोना अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान होगा। वह टीम के बॉलिंग अटैक की रीढ़ हैं और उनकी अनुपस्थिति से पावरप्ले और डेथ-ओवर की पूरी रणनीति बिगड़ सकती है। यदि यह मामला जल्द हल नहीं होता है, तो अमेरिकी टीम को आखिरी समय में अपने टीम कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों की भूमिकाओं में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। फिलहाल यह देखना बाकी है कि क्या आईसीसी के हस्तक्षेप से इस 'ऑफ-फील्ड' कागजी कार्यवाही का कोई समाधान निकलता है।






