पहले बोला 'लप्पेबाज, अब बांध रहा तारीफों के पुल, पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अभिषेक शर्मा के लिए बदले गिरगिट की तरह रंग
जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद अभिषेक शर्मा की कड़ी आलोचना करने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अब तारीफों के पुल बांधे हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा की फॉर्म को भारत के लिए सकारात्मक बताया है। क्या कहा पूरा इस रिपोर्ट में जानिए।

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा लगातार तीन जीरो और चौथे मैच में 15 रन की पारी खेलने के बाद अब फॉर्म में लौट आए हैं। उन्होंने गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए सुपर-8 के अहम मुकाबले में 30 गेंदों में 55 रनों की विस्फोटक पारी खेली और आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। अभिषेक शर्मा ने अपनी इस पारी से उन आलोचकों को तारीफ के लिए मजबूर कर दिया है जो कल तक उन्हें लप्पेबाज बता रहे थे।
अभिषेक शर्मा के लगातार फेल होने पर पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने उन्हें स्लॉगर ( लप्पेबाज) कहा था। उन्होंने अभिषेक शर्मा के बारे में बात करते हुए तीखी बयानबाजी की थी और कहा था कि उन्हें डिफेंस करना नहीं आता है, वे सिर्फ बॉल पर बल्ला फेंकते हैं और उनके शॉट्स लग जाते हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद अभिषेक शर्मा की कड़ी आलोचना करने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अब तारीफों के पुल बांधे हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा की फॉर्म को भारत के लिए सकारात्मक बताया है। पाकिस्तानी शो हंसना मना है में गुरुवार को मैच के बाद अपनी राय रखते हुए मोहम्मद आमिर ने माना कि अभिषेक शर्मा सही समय पर फॉर्म में लौटे हैं। उन्होंने कहा, "उसके लिए अच्छा है कि वो फॉर्म में आया और बड़े राइट टाइम पे आया क्योंकि आगे भी उनका बड़ा क्रूशियल मैच है डू एंड डाई वाला मैच है।" आमिर ने इस बात पर जोर दिया कि इस मैच में अभिषेक ने केवल ताकत का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि वह "बड़ा बैलेंस रह के और बॉल को टाइम करने की कोशिश" कर रहे थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि अभिषेक का एक बेहतर बल्लेबाज बनना पाकिस्तान के लिए खतरा हो सकता है।
भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना पर बात करते हुए शो में मौजूद क्रिकेटर अब्दुल रऊफ ने कहा कि जिम्बाब्वे पर जीत के बाद भारत की राह आसान दिख रही है। उन्होंने कहा- "बिल्कुल इंडिया क्लियर चांसेस बन गए मेरा ख्याल है कि बहुत अच्छा खेले हैं।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीम के खिलाफ इतना ज्यादा प्रेशर होता नहीं है और अगर मुकाबला किसी मजबूत टीम से होता, तो परिणाम अलग हो सकते थे। भारत ने अपने नेट रन रेट में काफी सुधार किया है, जो पहले -3.8 था और अब रिकवर होकर -1.1 पर आ गया है, जिससे उनके अगले मैच 'करो या मरो' की स्थिति वाले बन गए हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



