कोई हैरानी नहीं...टी20 विश्व कप मैच पर पाकिस्तान के यू-टर्न पर टीम इंडिया ने तोड़ी चुप्पी
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पाकिस्तान के यू-टर्न पर टीम इंडिया की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट ने कहा है कि खिलाड़ियों को हमेशा से ये उम्मीद थी कि मैच तो होगा ही।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पाकिस्तान के यू-टर्न पर टीम इंडिया की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट ने कहा है कि खिलाड़ियों को हमेशा से ये उम्मीद थी कि मैच तो होगा ही।
डोएशेट की टिप्पणी से साफ संकेत मिल रहा कि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान की फितरत को लेकर बिलकुल स्पष्ट थे। बंदरघुड़की, गीदड़भभकी, नखरे-नौटंकी एक तरह से पाकिस्तान का जैसे ट्रेड मार्क हो गया है। इससे पहले एशिया कप में भी उसने हैंडशेक कंट्रोवर्सी के बाद टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी थी लेकिन नखरेबाजी और अकड़ दिखाने के बाद आखिरकार उसे यू-टर्न लेना पड़ा था।
खिलाड़ियों को हैरानी नहीं हुई: डोएशेट
टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट ने मंगलवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पाकिस्तान के यू-टर्न पर कहा कि इससे खिलाड़ियों को कोई हैरानी नहीं हुई। खिलाड़ियों को हमेशा से उम्मीद थी कि मैच होगा। टी20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला है।
डोएशेट ने कहा, ‘सबसे पहले तो ये अच्छी बात है कि मैच होगा। हमने कभी भी अपनी तैयारियों को लेकर बदलाव नहीं किया था या हमारी ये सोच कभी नहीं थी कि मैच नहीं होगा। हमें हमेशा लगता था कि कुछ तो होगा और हम मैच खेलेंगे, इसलिए इससे कुछ बदला नहीं है।’
डोएशेट ने कहा, 'हमें कल (सोमवार) देर रात इसके बारे में कन्फर्मेशन मिला। हम एक क्वालिटी टीम के साथ एक बार और खेलने का मौका मिलने का स्वागत करते हैं और यह टीम के लिए अच्छा है।'
'हमारा फोकस सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट पर'
टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच ने आगे कहा, 'हम हर तरह की राजनीति से दूर रहने की कोशिश करते हैं। हम दोनों देशों के इतिहास और सेंटिमेंट्स को समझते हैं लेकिन हमारे लिए विशुद्ध रूप से क्रिकेट पर फोकस रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।'
डोएशेट ने कहा, ‘कोलंबो में खेलना एक चुनौती है खासकर तब जब पाकिस्तान वहां कुछ हफ्तों से है लेकिन हमारा फोकस अगले मैच में अपना बेस्ट देने पर है।’
सोमवार को मैच पर आखिरकार खत्म हुआ सस्पेंस
इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने सोमवार देर रात इस बात की पुष्टि की कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा लेगी। रविवार को लाहौर में आईसीसी डेलिगेशन ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम की मौजूदगी में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद नकवी ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात कर आईसीसी से हुई बातचीत का ब्यौरा दिया। शरीफ ने ही इसे लेकर अंतिम फैसला लिया। पाकिस्तान सरकार ने बताया कि श्रीलंका, बांग्लादेश और यूएई समेत आईसीसी के कई बोर्ड मेंबर्स ने बहिष्कार वापस लेने की गुजारिश की थी।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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