अगला धोनी नहीं, वह खुद में खास सिर्फ और सिर्फ संजू सैमसन है; जब गंभीर ने काटी थी शशि थरूर की बात
इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक बार कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एक बात को ऐसे काटा था कि सांसद को अब भी वो याद है। बात ये थी कि थरूर ने गंभीर से बातचीत में सैमसन की तारीफ में कहा था कि ये खिलाड़ी अगला धोनी बनेगा। इस पर गंभीर ने कहा था कि संजू खुद में खास है, वह सिर्फ और सिर्फ संजू है।

इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक बार कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एक बात को ऐसे काटा था कि सांसद को अब भी वो याद है। बात ये थी कि थरूर ने गंभीर से बातचीत में संजू सैमसन की तारीफ में कहा था कि ये खिलाड़ी अगला धोनी बनेगा। इतना कहने की देरी थी कि भारतीय कोच ने तुरंत उनकी बात को काटते हुए कह दिया संजू को धोनी बनने की जरूरत नहीं है। वह सिर्फ और सिर्फ संजू सैमसन है, खुद में खास। शशि थरूर ने पीटीआई वीडियो को दिए इंटरव्यू में गंभीर के साथ हुई उस बातचीत को याद किया है।
शशि थरूर संजू सैमसन के तगड़े फैन हैं। वह संजू को तबसे नोटिस कर रहे हैं जब वह क्लब क्रिकेट खेल रहे थे। अब तो संजू सैमसन भारतीय क्रिकेट के सुपर स्टार हैं। टी20 विश्व कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे सैमसन ने वर्चुअल क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में क्रमशः नाबाद 97 रन, 89 और 89 रनों की यादगार पारियां खेली थी। थरूर ने कहा कि उन्हें संजू की उपलब्धियों पर फक्र है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मैं असल में उससे (संजू सैमसन) तब मिला था जब वह 14 साल का था, वह एक युवा क्लब क्रिकेटर था। वह देखने में भले ही दुबला-पतला लगता था, लेकिन उसका शरीर काफी गठीला था। उसमें जबरदस्त प्रतिभा थी। वह उस समय से ही विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों कर रहा था।'
उन्होंने कहा, 'मैंने उससे (सैमसन से) कहा था कि वह अगला धोनी बनेगा। वर्षों बाद जब मैंने उस टिप्पणी की बात की तो मेरे दोस्त गौतम गंभीर ने कहा, 'नहीं, नहीं, उसे अगला धोनी बनने की जरूरत नहीं है, वह खुद में खास, सिर्फ और सिर्फ संजू सैमसन होगा।' और वह बिल्कुल वैसा ही साबित हुआ है।'
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा,'जब मैं उसके साथ दुख-सुख में, कठिन समय में था तो मुझे ऐसा महसूस हुआ कि अगर वह खुद को संभाल सके तो सब कुछ वापस आ जाएगा। उसमें प्रतिभा हमेशा से मौजूद थी।'
हाल में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो वाले सुपर-8 मुकाबले में संजू सैमसन एक छोर से खूंटा गाड़कर भारत को जिताकर ही लौटे थे। टी20 विश्व कप इतिहास में भारत के सबसे बड़े सफल रनचेज का रिकॉर्ड बनाते हुए सैमसन ने नाबाद 97 रन की पारी खेली। उस मैच को याद करते हुए थरूर ने कहा, 'मुझे लगता है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में जब उसने खेलना शुरू किया तो मैंने उसकी आंखों में कुछ ऐसा देखा कि मैंने उसी पल कह दिया- यह लड़का आज आउट नहीं होने वाला।'
थरूर ने आगे कहा, 'बाद में मैंने उन्हें यह बताया भी। क्योंकि मैं टीवी पर देख रहा था। आप उनकी आंखों में, उनके चेहरे पर वह आत्मविश्वास देख सकते थे। उन्होंने 97 रन बनाकर नाबाद पारी खेली। वह उस मैच में आउट ही नहीं हुए।'
शशि थरूर ने हाल ही में अपने लिखे आर्टिकल में भी गौतम गंभीर से उस बातचीत का जिक्र किया था जिसमें भारतीय कोच ने कहा था कि संजू सैमसन को धोनी बनने की जरूरत नहीं है। उसी आर्टिकल में थरूर ने ये भी खुलासा किया था कि कैसे एक बार उन्होंने संजू सैमसन की मदद की थी।
थरूर ने आर्टिकल में लिखा था, 'जब संजू सैमसन हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहा था तब वह एग्जाम में बैठने के लिए जरूरी अटेंडेंस को पूरा करने में असमर्थ था। क्रिकेट की वजह से वह देशभर में जाकर खेल रहा था। उसके प्रदर्शन पहले ही लोगों का ध्यान खींच रहे थे लेकिन नियम तो नियम होता है। उसके सामने एक महत्वूर्ण ऐकेडमिक माइलस्टोन से हाथ धोने का खतरा था। तब मैंने हस्तक्षेप किया। ये अपने किसी प्रिय को फायदा पहुंचाने के लिए सिस्टम बदलना नहीं था बल्कि सिस्टम का एक प्रतिभा को हर रूप में मान्यता देने जैसा था। मैदान पर उसकी उपलब्धियां क्लासमरूम की उन उपलब्धियों से तनिक भी कम नहीं थी। उसे छूट दी गई और संजू ने एग्जाम क्लियर किया।'
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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