गौतम गंभीर और अय्यर को नहीं, उन्हें बाहर करो जो., भारत का सूपड़ा साफ होने के बाद पूर्व क्रिकेटर ने किसे हटाने की मांग की
आयरलैंड और इंग्लैंड में क्लीन स्वीप हार के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर को नहीं, बल्कि एक खास इकोसिस्टम में पल रहे लोगों को हटाने की मांग की है।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली करारी हार के बाद कोच गौतम गंभीर और सात मैच खेल चुके कप्तान श्रेयस अय्यर को ना हटाने की सलाह दी है। उनके मुताबिक यह एक अस्थाई समाधान होगा। माजरेकर ने कहा कि समस्या इससे बड़ी और गहरी है। इस दौरे के नतीजों को देखते हुए गंभीर और श्रेयस पर काफी दबाव है। भारत लगातार दो बार टी20 विश्व चैंपियन बनकर ब्रिटेन के दौरे पर गया, लेकिन उसे आयरलैंड से पहली बार टी20 में हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद पहली बार क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। फिर इंग्लैंड के खिलाफ उसका प्रदर्शन बेबस नजर आया। टॉप आर्डर ने खराब प्रदर्शन किया, जबकि मिडिल ऑर्डर स्पिनरों के सामने बेहद परेशान दिखाई दिया। गेंदबाजी भी टीम इंडिया की अच्छी नहीं रही।
गौतम गंभीर को हटाने के बजाय मूल कारण पर करें गौर
मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कहा, “भारत के लिए सबसे आसान काम गौतम गंभीर को बर्खास्त करना, कप्तान को हटाना और आयरलैंड और इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन न करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना होगा। यह आसान काम होगा। लेकिन सही काम यह होगा कि भारत को मिली हार के मूल कारण का पता लगाया जाए। और मूल कारण यह है कि ये टी20 मैच कहां खेले गए - आयरलैंड और इंग्लैंड, विदेशी परिस्थितियां। और हमारे बल्लेबाज और हमारी टीम इन परिस्थितियों के लिए ठीक से तैयार नहीं थे। क्यों? क्योंकि चयनकर्ताओं ने वास्तव में इन सभी खिलाड़ियों को उनके आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर चुना था।” मांजरेकर का तर्क था कि आईपीएल में बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां अब तक की सबसे आसान हैं, जिससे हर भारतीय बल्लेबाज अपनी असल क्षमता से बेहतर दिखता है और गेंदबाजों को मदद मिलने पर कौन वास्तव में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, यह छिप जाता है।" उन्होंने कहा कि "बीसीसीआई को आईपीएल को बल्लेबाजी के अनुकूल बनाने वाले लोगों को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए।"
शुभमन गिल जैसे बल्लेबाजों को दें टीम में जगह
मांजरेकर ने कहा “आईपीएल में बल्लेबाजी करना आसान है। और यही कारण है कि चयनकर्ताओं को समझदारी से काम लेना होगा और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों को चुनना होगा जो आयरलैंड, इंग्लैंड, हर जगह टी20 बल्लेबाज के रूप में सफल होंगे।” उन्होंने आगे कहा- “सबसे आसान तरीका तो टीम पर नजर डालना होगा, लेकिन नहीं, गहराई से सोचें और उन लोगों को बर्खास्त करें जो बीसीसीआई को सलाह दे रहे हैं कि आईपीएल को अधिक लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए, अधिक चौके और छक्के लगाएं, 200 से अधिक के स्कोर बनाएं, क्योंकि इससे दर्शक बढ़ते हैं। यह सच हो सकता है, लेकिन फिर ऐसा भी होता है।”
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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