हर कोई रिंकू सिंह नहीं होता जो…, वीरेंद्र सहवाग ने ENG के बल्लेबाजों को क्यों चिढ़ाया?

Mar 06, 2026 09:51 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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सहवाग ने मैच के अंतिम ओवरों की स्थिति पर चर्चा करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब आखिरी ओवर में 30 रनों की जरूरत हो, तो किसी भी गेंदबाज के लिए वह रन बचाना मुश्किल नहीं होता।

हर कोई रिंकू सिंह नहीं होता जो…, वीरेंद्र सहवाग ने ENG के बल्लेबाजों को क्यों चिढ़ाया?

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की शानदार जीत के बाद पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने पुराने अंदाज में नजर आए। सहवाग ने मैच के अंतिम ओवरों की स्थिति पर चर्चा करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब आखिरी ओवर में 30 रनों की जरूरत हो, तो किसी भी गेंदबाज के लिए वह रन बचाना मुश्किल नहीं होता। सहवाग के अनुसार, क्रिकेट के मैदान पर हर कोई वह चमत्कार नहीं कर सकता जो रिंकू सिंह ने आईपीएल में पांच छक्के मारकर किया था।

सहवाग ने क्रिकबज लाइव पर चर्चा के दौरान बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा, "लास्ट ओवर में 30 रन कोई भी डालता, मैं भी डालता तो भी नहीं बनने देता।" उन्होंने आगे तर्क दिया कि जब आपको जीत के लिए पांच छक्के मारने ही पड़ें, तो दबाव इतना अधिक होता है कि गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजना नामुमकिन सा हो जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "आप रिंकू सिंह नहीं हो।"

सहवाग का यह बयान उस मानसिकता को दर्शाता है कि भारत ने मैच के अंत तक इंग्लैंड पर मानसिक बढ़त बना ली थी और उन्हें पता था कि जीत अब दूर नहीं है। इस मैच में भारत की जीत की नींव कप्तान सूर्यकुमार यादव की चतुर रणनीति ने रखी थी। सहवाग ने बताया कि सूर्या ने अपने सबसे घातक गेंदबाजों, अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह का उपयोग 17वें और 18वें ओवर में ही कर लिया था। विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह के 18वें ओवर ने खेल बदल दिया, जिसमें उन्होंने केवल 6 रन दिए।

सहवाग का मानना है कि अगर बुमराह के ओवर में रन पड़ जाते और आखिरी ओवर में केवल 20 रन चाहिए होते, तो भारत दबाव में आ सकता था। लेकिन 30 रन बाकी होने के कारण गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी (चाहे वह अक्षर पटेल हों या शिवम दुबे) पर कोई दबाव नहीं था, क्योंकि पांच छक्के मारना लगभग असंभव है। सहवाग ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में इंग्लैंड को पछाड़ दिया। उन्होंने संजू सैमसन की बेहतरीन पारी और अक्षर पटेल की शानदार फील्डिंग की तारीफ की, जिन्होंने मैच का रुख भारत की ओर मोड़े रखा। सहवाग ने कहा कि भारतीय टीम ने दबाव को बहुत अच्छी तरह से संभाला है और वे पिछले दो सालों से जिस तरह की फॉर्म में हैं, वे फाइनल में होने के पूरी तरह हकदार हैं। अब भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से फाइनल में होगा, जहां सहवाग को उम्मीद है कि टीम इंडिया एक बार फिर इतिहास रचेगी।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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