
न्यूजीलैंड ने किला भेदा, 38 साल में पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीती
तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए भारत को 41 रनों से हराया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने 1988 से चली आ रही 8 असफल कोशिशों के बाद भारत में पहली बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत हासिल की।
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने रविवार को भारतीय टीम को तीसरे और निर्णायक मुकाबले में 41 रन से हराकर इतिहास रच दिया है। न्यूजीलैंड की टीम ने 38 साल में पहली बार भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीती है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए तीसरे मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 337 रन बनाए। भारत ने मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट लेकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी लेकिन डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के बीच हुई 219 रनों की साझेदारी ने भारत को मैच में पीछे धकेल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शतक लगाया और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड द्वारा मिले 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 13 ओवर में ही 4 विकेट गंवा दिए थे, इसके बाद विराट कोहली ने नीतीश और हर्षित के साथ मिलकर पारी को संभाला लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
कोहली-नीतीश ने संभाला
इंदौर के होलकर स्टेडियम में 339 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने अच्छी शुरुआत लगभग दिला दी थी। हालांकि 11 के निजी स्कोर पर रोहित शर्मा खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। रोहित ने 13 गेंद में 11 रन बनाए। कुछ देर बाद कप्तान शुभमन गिल भी 18 गेंद में 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। श्रेयस अय्यर भी कमाल नहीं दिखा सके और 10 गेंद में तीन रन ही बना सके। केएल राहुल 6 गेंद में एक रन ही बना सके।
इसके बाद विराट कोहली ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 88 गेंद में 88 रन की साझेदारी हुई। रेड्डी ने 57 गेंद में 53 रन की दमदार पारी खेली।
कोहली का शतक
जैसे-जैसे रन रेट बढ़ता गया, कोहली ने रोटेट करना जारी रखा और अपना शतक पूरा किया जिस पर इंदौर की भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं। विराट कोहली ने 40वें ओवर की आखिरी गेंद पर जैकरी फोक्स की गेंद पर एक रन लेकर 91 गेंद में अपना शतक पूरा किया, जिसमें आठ चौके और दो छक्के जड़े थे। न्यूजीलैंड के आठ विकेट पर 337 रन का स्कोर खड़ा किया जिसके बाद कोहली एक छोर पर डटे रहे और शतक पूरा किया। उनके जाने के बाद रविंद्र जडेजा (12 रन) बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर लपके गए।
हर्षित ने खेली तूफानी पारी
हर्षित राणा की 43 गेंद में 52 रन की छोटी सी पारी ने कुछ समय के लिए उम्मीदें जगाईं, लेकिन जरूरी रन रेट बहुत ज्यादा था। हर्षित ने अपनी पारी के दौरान चार चौके और इतने ही छक्के ठोके। कोहली के आउट होने से स्कोर नौ विकेट पर 292 रन था जिन्हें क्लार्क ने आउअ किया जिससे भारत की हार पक्की हो गई। कुलदीप यादव के आउट होते ही न्यूजीलैंड ने भारतीय सरजमीं ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
इससे पहले भारत एक समय पूरी तरह हावी था और उसने मेहमान टीम के 58 रन पर तीन विकेट झटक लिए थे। लेकिन मिचेल और फिलिप्स ने संभलकर खेलते हुए पारी को संभाला। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद न्यूजीलैंड ने पहले दो ओवर में पांच रन पर पहले दो विकेट गंवा दिए थे जिसमें से हेनरी निकोल्स खाता भी नहीं खोल सके। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह टीम में शामिल हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में खूबसूरत गेंद पर निकोल्स (0) को बोल्ड किया। अर्शदीप (63 रन देकर तीन विकेट) ने ऑफ स्टंप के करीब से गेंद डाली जिससे असमंजस में पड़े निकोल्स ने देर से बल्ला हटाया और गेंद अंदरूनी किनारा लेकर लेग स्टंप से जा टकराई।
अर्शदीप और उनके साथी तेज गेंदबाज हर्षित राणा (84 रन देकर तीन विकेट) ने सटीक लेंथ पर गेंद डालते हुए शुरुआती ओवरों में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोके रखा। हर्षित ने फिर डेवोन कॉनवे (05) को लगातार तीसरी बार आउट किया। उनकी बैक ऑफ लेंथ गेंद पर कॉनवे बल्ला छूआकर स्लिप में खड़े रोहित शर्मा को कैच दे बैठे।
इससे 10 ओवर में न्यूजीलैंड की टीम महज 47 रन ही बना सकी। विल यंग (30) ने 13वें ओवर में हर्षित की गेंद पर डीप बैकवर्ड प्वाइंट के ऊपर से छक्का लगाकर दबाव कम करने की कोशिश की, लेकिन अपना विकेट गंवा बैठे। यंग ने कट शॉट खेला और बैकवर्ड प्वाइंट पर खड़े रविंद्र जडेजा को आसान कैच दे दिया। इस तरह हर्षित ने यंग और मिचेल के बीच 53 रन की साझेदारी तोड़ी।
मिचेल-ग्लेन के बीच 219 रन की साझेदारी
मिचेल ने बाएं हाथ के कलाई स्पिनर कुलदीप यादव पर शानदार छक्का जड़कर न्यूजीलैंड की वापसी की नींव रखी। कुलदीप ने फिर अपनी लेंथ में बदलाव कर रन गति पर लगाम लगाई। मिचेल ने इस गेंदबाज पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। 34वें ओवर के बाद गेंद नरम होने से शॉट खेलना मुश्किल हो गया लेकिन होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री पर बल्लेबाजों ने जोखिम लेना जारी रखा।
मिचेल ने नीतिश कुमार रेड्डी पर सपाट छक्का जड़कर तेज खेलना जारी रखा जबकि फिलिप्स ने भी आक्रामक खेलने की कोशिश की। इस दौरान वह आउट होने से बच गए, जब हर्षित कैच लेने के लिए करीब नहीं पहुंच सके। फिलिप्स ने मोहम्मद सिराज (43 रन देकर एक विकेट) को पुल शॉट पर चौका लगाया और अर्शदीप को सीधा छक्का जड़ दिया।
मिचेल ने जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया जो इस श्रृंखला में उनका लगातार दूसरा शतक था। फिलिप्स ने भी जडेजा पर छक्का जड़ा और इसी 40वें ओवर में मिचेल ने चौका लगाया जिससे न्यूजीलैंड का स्कोर तीन विकेट पर 237 रन हो गया। भारत ने अंतिम ओवरों में वापसी करते हुए लगातार विकेट झटके। सिराज ने मिचेल की पारी का अंत किया किया जबकि अर्शदीप ने फिलिप्स और जैक फोक्स (10) को पवेलियन भेजा।
कुलदीप ने मिचेल हे को पगबाधा आउट किया जिससे न्यूजीलैंड के चार विकेट जल्दी गिर गए। अंत में माइकल ब्रेसवेल (नाबाद 28 रन, एक चौका, तीन छक्के) की तेज पारी की बदौलत न्यूजीलैंड 330 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।






