WC को लेकर नखरे, IPL ब्रॉडकास्ट पर बैन के बाद बांग्लादेश ने अब BPL से भारतीय प्रजेंटर को हटाया
टी20 विश्व कप के लिए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग करने, अपने यहां आईपीएल के ब्रॉडकास्ट पर रोक लगाने के बाद बांग्लादेश ने अब बीपीएल से भारतीय प्रजेंटर को बाहर कर दिया है। एएनआई के मुताबिक लोकल मीडिया में बुधवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से जुड़े सूत्रों के हवाले से इससे जुड़ी खबर आई है।

टी20 विश्व कप के लिए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग करने, अपने यहां आईपीएल के ब्रॉडकास्ट पर रोक लगाने के बाद बांग्लादेश ने अब बीपीएल से भारतीय प्रजेंटर को बाहर कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लोकल मीडिया में बुधवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से जुड़े सूत्रों के हवाले से इससे जुड़ी खबर दी है। खबर के मुताबिक बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के प्रजेंटेशन पैनल से भारतीय प्रजेंटर रिद्धिमा पाठक को ‘बाहर’ कर दिया गया है।
रिद्धिमा इस साल बीपीएल में बतौर होस्ट दिखने वाली थीं लेकिन उन्हें बांग्लादेश पहुंचने से पहले ही प्रजेंटेशन टीम से हटा दिया गया है। बीपीएल का मौजूदा सीजन सिलहट में शुरू हो चुका है।
प्रजेंटर पैनल में पाकिस्तानी जैनब अब्बास को जगह मिली है और वह बांग्लादेश पहुंच भी चुकी है। इसके अलावा कॉमेंट्री पैनल में पाकिस्तानी कॉमेंटेटर्स हैं। इनमें वकार यूनुस और रमीज रजा शामिल हैं। इनके अलावा डारेन गॉग भी कॉमेंट्री पैनल में हैं।
इससे पहले 5 जनवरी को बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल 2026 के मैचों के अपने देश में प्रसारण को सस्पेंड कर दिया था। उसने ये फैसला बीसीसीआई द्वारा केकेआर को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वाड से रिलीज करने के लिए कहने की प्रतिक्रिया में दी है।
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की कठपुतली मोहम्मद यूनुस की अगुआई वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर है। पिछले कुछ दिनों में ही कम से कम 6 हिंदुओं की कट्टरपंथियों ने बर्बर हत्या की है। इसके अलावा हिंदुओं के घरों में बाहर से ताला लगाकर आग लगाने की भी घटनाएं हुई हैं। इससे भारत में आक्रोश है। कई हिंदूवादी संगठनों ने आईपीएल से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने की मांग की थी। बाद में बीसीसीआई ने केकेआर को निर्देश दिया कि वो रहमान को स्क्वाड से बाहर करे।
इसके बाद बांग्लादेश ने आईसीसी को खत लिखकर सुरक्षा कारणों से टी20 विश्व कप के अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की। फिर उसने बांग्लादेश में आईपीएल के प्रसारण को सस्पेंड किया। हालांकि ईएसपीएनक्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने बांग्लादेश को दो टूक कहा है कि भारत में वर्ल्ड कप मैच खेलना है तो खेलिए, नहीं तो पॉइंट्स गंवाने के लिए तैयार रहिए।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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