Hindi Newsक्रिकेट न्यूज़MS Dhoni stopped wicketkeeping practice after 8 or8 years Former India Fielding Coach Sridhar Stunning revelation
धोनी ने इतने साल के बाद बंद कर दी थी विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस...पूर्व भारतीय कोच का हैरतअंगेज खुलासा

धोनी ने इतने साल के बाद बंद कर दी थी विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस...पूर्व भारतीय कोच का हैरतअंगेज खुलासा

संक्षेप:

पूर्व भारतीय फील्डिंग कोच रामकृष्णन श्रीधर ने दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी को लेकर एक हैरतअंगेज खुलासा खुलासा किया है। धोनी का शुमार दुनिया के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर्स में होता है।

Mon, 25 Aug 2025 02:56 PMMd.Akram लाइव हिन्दुस्तान
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पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं। उनका शुमार सफल कप्तानों और दुनिया के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर्स में होता है। उनकी विकेट के पीछे फुर्ती का कोई जवाब नहीं। धोनी ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो उनके इंटरनेशनल रिटायरमेंट के पांच साल बाद भी बरकरार हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 2004 में डेब्यू किया और 2020 में इंटनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। भारत के पूर्व फील्डिंग कोच रामकृष्णन श्रीधर ने धोनी को लेकर एक हैरतअंगेज खुलासा किया है। श्रीधर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आठ-नौ साल का अनुभव होने के बाद धोनी ने विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस बंद कर थी। उन्होंने इसके बजाय छोटी रिएक्शन ड्रिल्स के जरिए अपने रिफ्लेक्सिस बेहतर करने पर ध्यान केंद्रित किया।

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श्रीधर ने क्रिकेट डॉट कॉम से कहा, "एमएस धोनी ने आठ या नौ साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के बाद विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस नहीं की। जब वह बड़े हो रहे थे और जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान नहीं बनाई थी, मान लीजिए 2005-2007 से पहले तो उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग स्किल पर बहुत काम किया। उनकी तकनीक बहुत अच्छी थी। उनकी अपनी एक तकनीक थी। मैं इसे अपरंपरागत नहीं कहूंगा लेकिन बहुत प्रभावी कहूंगा।" श्रीधर ने खुलासा किया कि धोनी ने अपने करियर के बाद के वर्षों में उंगलियों को सेफ रखने के लिए विकेटकीपिंग का अभ्यास बंद कर दिया था क्योंकि वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में एक्टिव थे।

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पूर्व फील्डिंग कोच ने कहा, "उन्होंने काफी अभ्यास किया था और उन्होंने खुद स्वीकार किया कि एक बार जब उन्होंने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में खेलना शुरू किया तो उनपर बहुत अधिक वर्कलोड था। ऐसे में उन्हें और अभ्यास करने की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि उनकी उंगलियां स्टंप के गेंदें पकड़ने, थ्रो करने और बाकी सभी कामों में काफी मेहनत कर रही थीं। तभी उन्होंने विकेटकीपर के तौर पर अपने काम का बोझ काफी समझदारी से कम कर दिया। उन्होंने इसके बजाय कुछ छोटी रिएक्शन ड्रिल्स की, जिससे वह चुस्त-दुरुस्त रहे और उनके दस्ताने बिजली की तरह तेज रहे।" बता दें कि धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के लिए बतौर विकेटकीपर सर्वाधिक 829 शिकार किए। वह ओवरऑल लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं।

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मोहम्मद अकरम, लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। अकरम को पत्रकारिता में 8 साल से ज्यादा का अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं। अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। और पढ़ें
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