2009 में एमएस धोनी ने कराया था इरफान पठान को वनडे टीम से बाहर? ऑलराउंडर ने खुद खोला राज
इरफान पठान ने साफ कर दिया है कि जब 2009 में उनको वनडे टीम से ड्रॉप किया गया था तो उसमें कप्तान एमएस धोनी का हाथ था। ये बात उन्होंने कोच गैरी कर्स्टन से पूछी थी तो उन्होंने कहा था कि उनके हाथ में चीजें नहीं हैं।

टीम इंडिया के पूर्व बॉलिंग ऑलराउंडर इरफान पठान ने साफ कर दिया है कि जब 2009 में उनको वनडे टीम से ड्रॉप किया गया था तो उसमें कप्तान एमएस धोनी का हाथ था। इरफान ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन से इसका जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने साफ-साफ कारण नहीं बताया था। कोच कर्स्टन ने पठान को कहा था कि बहुत सी चीजें उनके हाथ में नहीं हैं। इरफान पठान 2009 के बाद ज्यादा इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेले। 2009 के बाद उनकी वापसी 2011 के आखिर में हुई थी और 2012 में उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था।
इरफान पठान ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में वो राज बताया, जो उनके सीने में दशकों से दफन था। इरफान पठान ने बताया कि कप्तान एमएस धोनी की कॉल पर उनको प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। इरफान ने बताया, "ये 2009 की बात है हां जब हम न्यूजीलैंड में थे और इससे पहले मैंने और भाई (युसूफ पठान) ने श्रीलंका में एक मैच जिताया था। उस सिचुएशन से मैच जिताई थी, जो मुझे लगता है कोई और खिलाड़ी जिताता तो पूरे एक साल तक ड्रॉप नहीं होता। उसकी जगह पक्की हो जाती कि भाई ये मैच विनर है।"
पूर्व बॉलिंग ऑलराउंडर ने आगे बताया, "हमको चाहिए थे 60 रन और गेंदे बची थीं 28 या 29, विकेट गिरी चुकी थीं 7। इस हिसाब से तो मैच खत्म समझिए, क्योंकि हम श्रीलंका में उनकी सरजमीं पर खेल रहे हैं, सामने मलिंगा जैसे गेंदबाज हैं और बढ़िया स्पिनर्स उनके पास हैं। वहां से मैंने और भाई ने मिलके मैच जिताया। मैंने 16 गेंदों में 33 रन बनाए और विकेट भी निकाले थे। इसके बाद न्यूजीलैंड जाते हैं। न्यूजीलैंड में, मैं पहला मैच बाहर बैठता हूं। दूसरे, तीसरे और चौथे मैच में भी बाहर हूं। हालांकि, सीरीज जीत गए थे। पांचवा मैच भी शुरू हुआ। मैं टीम में नहीं हूं। मुझे लगा ये क्यों है? तो मैंने गैरी (कर्स्टन) साहब से पूछा कि मुझे आप इतना बताइए कि मुझे बाहर करने का रीजन क्या है? मैं क्यों नहीं खेल रहा हूं? अगर कुछ इंप्रूव करना है तो वो बताइए। मैं मेहनत करूंगा, लेकिन मुझे रीजन जानना है।"
इरफान आगे बताते हैं, "उन्होंने (गैरी कर्स्टन) कहा कि इरफान कुछ चीजें मेरे हाथ में नहीं हैं। यह उनके अल्फाज थे। इसके बाद मैंने पूछा कि फिर किसके हाथ में है? तो उन्होंने कहा मैं आपको नहीं बता सकता। मैंने कहा कोई बात नहीं।" इसके बाद इंटरव्यूवर ने पूछा कि आप बताइए किसके हाथ में चीजें? इस पर इरफान ने आगे बताया, "देखिए जो प्लेइंग 11 रहती है उसमें कप्तान की मर्जी रहती है। कप्तान, कोच, मैनेजमेंट क्या कॉम्बिनेशन वो सोच रहे हैं। उस समय कप्तान एमएस धोनी थे। वो सही थे या गलत? मैं उसमें नहीं जाऊंगा। उसका रीजन ये है कि हर एक कप्तान को अपने हिसाब से टीम चलानी चाहिए।"
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