मोहसिन नकवी ने इसपर कोई आपत्ति नहीं जताई, ट्रॉफी विवाद पर BCCI का चौंकाने वाला खुलासा
Mohsin Naqvi Asia Cup Trophy Row: भारत ने जब मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया तो उनका रिएक्शन कैसा था? भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खुद इस बारे में बताया है।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने महिला एशिया कप 2026 का खिताब धमाकेदार अंदाज में जीता। भारत ने दुबई में आयोजित फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से रौंदा। भारत इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड आठवीं बार चैंपियन बना। भारत ने एक बार फिर मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख हैं। वह पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं और कई बार भारत विरोधी बयान दे चुके हैं। जब भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया तो उनका रिएक्शन कैसा था? ट्रॉफी विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि नकवी ने कोई आपत्ति नहीं की।
'कोई झगड़ा या टकराव नहीं हुआ'
शुक्ला ने दिल्ली में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारतीय टीम के साथ पहुंचने के बाद मीडिया से कहा, ''हमने आपस में इस मसले पर बात की और तय किया कि हम उनके हाथ से ट्रॉफी नहीं लेंगे। उन्होंने (नकवी) भी इसपर कोई आपत्ति नहीं जताई। हमने अपनी टीम को इस बारे में बताया। उन्होंने (नकवी) जिसे भी देना था, उसे ट्रॉफी दी और चले गए। कोई झगड़ा या टकराव नहीं हुआ।'' टीवी कैमरों पर फाइनल मैच के दौरान शुक्ला और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया को नकवी से मुलाकात करते हुए दिखाया गया था, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही। शुक्ला ने कहा, ''सैकिया जी ने जो बाला है, सही बोला है। जब आप मैच में बैठते हैं तो सभी लोग बैठते और प्रोफेशनल तरीके से मिलते हैं। इसमें कोई बड़ी बात नहीं। मुझे नहीं लगता कि इस पर इतनी आलोचना होनी चाहिए।''
'हल निकाले की कोशिश की लेकिन...'
गौरतलब है कि सैकिया से नकवी के साथ विजुअल्स वायरल होने पर न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा था, ''ऐसा नहीं है कि हम किसी से नहीं मिलेंगे। मैं टॉस से लेकर मैच खत्म होने तक रॉयल बॉक्स की सीटों पर बाहर बैठा था। मैं पूरे मैच में उसी जगह पर रहा। मैच के दौरान जो भी आया, वहीं मुझसे मिला। कोई मेरे साथ बैठ गया। फिर शुक्ला जी आए और मेरे साथ बैठे। आपने जिस व्यक्ति का जिक्र किया, वह भी डिप्टी चेयरमैन खालिद अल जरूनी साहब के साथ आकर बैठ गया। यह तो एक सामान्य परंपरा है, जब भी कोई आता है तो हम सबसे मिलते हैं और बात करते हैं। हमने सिचुएशन का हल निकाले की कोशिश की लेकिन हमारी कोशिशें कामयाब नहीं हुईं। हमें कोई अफसोस नहीं है। हमारा मकसद यह नहीं था कि ट्रॉफी कौन देगा। हमारा मकसद था कि भारतीय टीम आसानी से जीते और हम उसमें कामयाब रहे।''
साल 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने पर पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। उस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। पिछले साल अप्रैल में हुए आतंकी हमले के बाद मई में दोनों देशों के बीच संक्षिप्त सैन्य टकराव भी हुआ था।



