मोहसिन नकवी से पंगा लेने वाले पाकिस्तानी पत्रकार को पहले छोड़ना पड़ा देश, अब भाई का हुआ अपहरण
पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के आलोचक और चर्चित पाकिस्तानी पत्रकार सनाउल्लाह खान के भाई का लाहौर में अपहरण हो गया है। सनाउल्लाह अभी ऑस्ट्रेलिया में हैं। पीसीबी से बैन के बाद उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने भाई के अपहरण के बाद पाकिस्तानी पीएम से मदद की गुहार लगाई है।

पाकिस्तान के लोकप्रिय क्रिकेट पत्रकार और यूट्यूबर सनाउल्लाह खान के भाई का लाहौर में अपहरण हो गया है। उन्होंने एक्स पर वीडियो डालकर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज से मदद की गुहार लगाई है। सनाउल्लाह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी के आलोचक रहे हैं। वह बोर्ड को चलाने के उनके तौर-तरीकों पर कई बार सवाल उठा चुके हैं। इस वजह से पीसीबी ने उन पर बैन लगा दिया था, जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। अब उनके भाई का अपहरण हो गया है।
अभी ऑस्ट्रेलिया में मौजूद सनाउल्लाह खान ने दो दिन पहले एक्स पर अपना एक वीडियो पोस्ट करते हुए मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने वीडियो में बताया, ‘मैं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुख्यमंत्री मरियम नवाज से गुजारिश करता हूं। 6 घंटे पहले मेरे भाई का अपहरण हो गया है। मैं ऑस्ट्रेलिया में हूं। मेरा भाई बच्चों को स्कूल से लाने गया था। जब वह स्कूल जा रहा था, तब उसे किडनैप किया गया। घटना को 6 घंटे हो चुके हैं। पुलिस ने फुटेज की समीक्षा के बाद एक कार को ट्रेस किया है। घटना के बारे में कोई भी ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। मैं अधिकारियों से इस मामले को देखने की अपील करता हूं।’
सनाउल्लाह यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय रहे हैं। वह पाकिस्तानी क्रिकेट को लेकर बेबाकी से कड़वे सच कहने के लिए जाने जाते हैं।
पाकिस्तानी में रहते हुए उन्होंने कई बार पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के कामकाज की आलोचना की थी। नकवी शहबाज शरीफ सरकार में गृह मंत्री भी हैं। सनाउल्लाह अपने वीडियो में अक्सर भारतीय क्रिकेट टीम की तारीफ भी किया करते थे और उनकी सफलता का श्रेय बीसीसीआई को देते थे। ये बात भी उनके खिलाफ गई। पीसीबी ने आखिरकार उन्हें बैन कर दिया।
पीसीबी से बैन होने का मतलब था कि वह ग्राउंड जीरो पर जाकर मैचों को कवर नहीं कर सकते थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं ले सकते थे। इस बैन की वजह से पाकिस्तान के कई बड़े मौजूदा और पूर्व क्रिकेटर जो कभी सनाउल्लाह के शो पर जाने के लिए मरा करते थे, उनसे दूरी बना ली। हालात ऐसे हो गए कि पाकिस्तानी क्रिकेटर को अपना ही देश छोड़ना पड़ा।
सनाउल्लाह यूएई चले गए लेकिन पीसीबी ने वहां भी उनका उत्पीड़न जारी रखा। पिछले साल दुबई में एशिया कप हुआ था जिसे भारत ने जीता था। तब सनाउल्लाह ने दावा किया था कि पीसीबी ने यूएई क्रिकेट से जुड़े अधिकारियों से कहा था कि उन्हें मैचों को कवर करने की इजाजत न दी जाए।
अब ऐसा लगता है कि सनाउल्लाह को यूएई छोड़ने के लिए भी मजबूर कर दिया गया है। वीडियो में हालांकि उन्होंने इस तरह की कोई बात नहीं कही है लेकिन उनके वीडियो से ऐसा लग रहा है।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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