नकवी ने चुराई टीम इंडिया की ट्रॉफी तो शाबाशी देने लगा पाकिस्तानी दिग्गज, लोग बोले- जिनके हाथ खून से रंगे…
मोहसिव नकवी द्वारा एक बार फिर टीम इंडिया की ट्रॉफी चुराने पर पाकिस्तानी दिग्गज मोहम्मद यूसुफ ने रिएक्ट किया है। उन्होंने नकवी को शाबाशी दी है, जो पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं।

भारत ने रविवार को दुबई में श्रीलंका को रौंदकर महिला एशिया कप 2026 अपने नाम किया। भारत ने एक बार फिर मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं आई। एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) नकवी को बेइज्जत होकर जाना पड़ा। वह पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने टीम इंडिया की ट्रॉफी चुराने पर नकवी को शाबाशी दी है। हालांकि, 381 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले यूसुफ को ऐसा करना भारी पड़ गया। भारतीय क्रिकेट फैंस ने उनकी क्लास लगा दी। नकवी कई बार भारत विरोधी बयान दे चुके हैं। 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने पर पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी। उस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। आतंकी हमले के बाद मई में दोनों देशों के बीच संक्षिप्त सैन्य टकराव भी हुआ था।
'जिनके हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे हैं…'
यूसुफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''जब राष्ट्रीय गर्व अहंकार में बदल जाता है, तो जीत भी कोई इनाम नहीं देती। टीम जीत सकती है, लेकिन बिना विनम्रता के देश हारा हुआ ही रहता है। कोई ट्रॉफी नहीं मिली लेकिन दूसरों पर रौब जमाना रह गया है। शाबाश, मोहसिन नकवी।'' यूसुफ की पोस्ट पर क्रिकेट फैंस के काफी रिएक्शन आ रहे हैं। कई लोगों ने पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर को आईना दिखाया। एक यूजर ने कमेंट किया, ''बांग्लादेश के खिलाफ एक भी द्विपक्षीय मैच नहीं जीत पाए, फिर भी ऐसे बात करते हैं जैसे लगातार तीन वर्ल्ड कप जीत लिए हों। हां, हमें अपने देश पर गर्व है, और सच कहूं तो हम उन लोगों के सामने घमंडी बनेंगे जिनके हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे हैं।'' अन्य ने कहा, ''पाकिस्तान का भारत को विनम्रता की सीख देना सबसे बड़ी विडंबना है। एक देश जो अभी भी अपने क्रिकेट में निरंतरता ढूंढ रहा है, वह ट्रॉफी का सबक दे रहा है। मोहम्मद यूसुफ पहले अपने घर पर स्कोरबोर्ड ठीक करो।''
BCCI ने ट्रॉफी विवाद पर क्या कहा?
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को कहा कि महिला टीम का नकवी से ट्रॉफी नहीं लेना 'सोचा समझा संस्थागत' फैसला था। सैकिया ने पीटीआई से कहा, ''हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।'' उन्होंने कहा, ''देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी लेना उचित नहीं होगा।'' सैकिया ने कहा, ''यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।''



