मिचेल मार्श का छलका दर्द, तीर की तरह अभी भी चुभ रही है जिम्बाब्वे से मिली हार; बोले- जब आप फेल होते हैं तो…
ऑस्ट्रेलिया को ओमान के खिलाफ जीत तो मिली, मगर कप्तान मिचेल मार्श का दिमाग अभी भी जिम्बाब्वे से मिली हार पर अटका है। उस हार ने उन्हें लगभग-लगभग टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था, वहीं रही सही कसर श्रीलंका ने पूरी कर दी।

ओमान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का अपना आखिरी मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने निराशाजनक कैंपेन का अंत किया। यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छा नहीं रहा। पहले उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़े उलटफेर का सामना करना पड़ा, इसके बाद श्रीलंका ने उन्हें अपने घर में हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। ऑस्ट्रेलिया ने धाकड़ अंदाज में ओमान के खिलाफ 9 विकेट से जीत दर्ज की, जिसमें कप्तान मिचेल मार्श ने 66 रनों की तूफानी पारी खेली। हालांकि इस जीत के बावजूद मार्श का दिमाग जिम्बाब्वे से मिली हार पर अटका हुआ है।
मिचेल मार्श ने ओमान के खिलाफ मैच के बाद कहा, "शायद बस एक मौका चूक जाने का एहसास (अभी उनके दिमाग में क्या चल रहा है, इस बारे में बात करते हुए)। जैसा कि मैंने कई बार कहा है, यह बहुत निराश करने वाला चेंज रूम है। हर टीम की तरह, हमने दो साल तक इसके लिए तैयारी की। बदकिस्मती से, कुछ खास मैचों में, हम अपना बेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाए - और यही टूर्नामेंट का खेल है।
आप जिम्बाब्वे के खिलाफ जैसा मैच हार जाते हैं, और अचानक आप प्रेशर में आ जाते हैं। क्रेडिट उन्हें जाता है, उन्होंने अच्छा खेला, लेकिन हम अभी बहुत निराश ग्रुप हैं। मुझे नहीं लगता कि कंडीशन मेन दिक्कत थी। कोलंबो में, यह धीमा था, लेकिन हमने उसके लिए तैयारी की थी। मुझे अब भी लगता है कि हमारे पास काम पूरा करने के लिए टीम थी। लेकिन टूर्नामेंट क्रिकेट में, अगर आप थोड़ा भी खराब खेलते हैं, तो आप ऐसा मैच हार सकते हैं जो आपको बैकफुट पर डाल दे।
पिछले कुछ हफ्तों में, हमारे लिए अच्छे मौके थे, लेकिन हम तब डिलीवर नहीं कर पाए जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। यहीं पर लीडरशिप ज़रूरी हो जाती है (जवाब - आप यह कैसे पक्का करते हैं कि रिस्पॉन्स पूरी तरह से इमोशनल न हो और आगे बढ़ने के लिए कंस्ट्रक्टिव हो?)।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और प्लेइंग ग्रुप के लीडर बैठकर चीज़ों को ठीक से देखेंगे। प्लेयर्स और एक टीम के तौर पर, हम देखेंगे कि हम कैसे बेहतर हो सकते हैं। अगर हम खुशकिस्मत हैं कि हमें एक ग्रुप के तौर पर एक और मौका मिलता है, तो हम यह पक्का करना चाहते हैं कि हम इस अनुभव से बेहतर हों। जब आप फेल होते हैं, तो हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता है।
अभी दुख हो रहा है, और हम इस बात से निराश हैं कि यह कैसे हुआ। लेकिन हम घर जाएंगे, ईमानदारी से सोचेंगे, और आगे बढ़ेंगे।"
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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