मार्करम-डिकॉक ने रचा इतिहास, साउथ अफ्रीका के लिए विश्व कप में की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्कराम और क्विंटन डी कॉक ने एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 95 रनों की तूफानी साझेदारी की।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्कराम और क्विंटन डी कॉक ने एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 95 रनों की तूफानी साझेदारी की, जो टी20 विश्व कप के इतिहास में दक्षिण अफ्रीका के लिए दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप बन गई है।
यह जोड़ी महज 1 रन के अंतर से दक्षिण अफ्रीका के सर्वकालिक विश्व कप रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गई। दक्षिण अफ्रीका के लिए टी20 विश्व कप में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड 96 रनों का है, जो 2016 के विश्व कप में क्विंटन डी कॉक और हाशिम अमला ने इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में बनाया था। आज के मैच में मार्कराम और डी कॉक ने उस रिकॉर्ड की बराबरी करने के बेहद करीब पहुंचकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इस ऐतिहासिक साझेदारी का अंत तब हुआ जब क्विंटन डी कॉक 24 गेंदों में 47 रन बनाकर रोस्टन चेस की गेंद पर जेसन होल्डर को कैच थमा बैठे। डी कॉक के आउट होने के समय टीम का स्कोर 7.6 ओवर में 95 रन था। डी कॉक के जाने के बाद भी कप्तान एडेन मार्कराम ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और मात्र 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। मार्कराम ने कप्तानी पारी खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका को एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर कर दिया है।
मैच की बात करें तो इस मुकाबले को दक्षिण अफ्रीका ने 9 विकेट से बहुत आसानी से जीत लिया है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज की तरफ से रोमारियो शेफर्ड ने अर्धशतकीय पारी खेली। जेसन होल्डर ने उनका साथ दिया। दोनों ने 8वें विकेट के लिए ऐतिहासिक साझेदारी की। 177 रनों के स्कोर को दक्षिण अफ्रीका ने 16.1 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। मार्करम ने 82 रन बनाए। डिकॉक ने आउट होने से पहले 47 रनों की पारी खेली और रिकल्टन ने भी 28 गेंदों में 45 रन बनाए।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



