मानव सुथार की सफलता का राज: सीओई में कड़ा सत्र, कूकाबुरा गेंद से खास अभ्यास और जडेजा से सीखे गुर
मानव सुथार ने कमाल की गेंदबाजी श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन की। 4 विकेट उन्होंने चटकाए, लेकिन एक बार भी अपना धैर्य नहीं खोया। उनकी सफलता का राज क्या है? ये बात सामने आ गई है।

मानव सुथार ने सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में चार विकेट लेकर एक बार फिर अपनी असाधारण प्रतिभा की झलक दिखाई, लेकिन बाएं हाथ के इस स्पिनर की सफलता की नींव टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में किए गए खास अभ्यास सत्र के दौरान ही रखी गई थी।
सुथार ने सीओई में 10 दिनों तक कूकाबुरा गेंद से अभ्यास किया। खुले मैदान में चलने वाली हवाओं के बीच हुआ यह अभ्यास गॉल की परिस्थितियों से काफी हद तक मेल खाता था। इस दौरान वहां के कोच ने उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ क्रीज तक पहुंचने के तरीके पर भी विशेष ध्यान दिया। सुथार ने इस तैयारी के महत्व को बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के बाद उन्होंने कूकाबुरा गेंद से अभ्यास शुरू किया था। उनका लक्ष्य गॉल की पिच के मुताबिक सही लाइन, लेंथ और गति के साथ गेंदबाजी करना था।
सुथार ने कूकाबुरा की गेंद से किया अभ्यास
उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन की खेल के बाद कहा, ''मैं अफगानिस्तान टेस्ट के बाद कूकाबुरा गेंद से अभ्यास कर रहा था। इसलिए मेरी योजना काफी सरल थी। मुझे सही जगह, सही लेंथ और सही गति से गेंदबाजी करनी थी। यहां की पिच पर कुछ उछाल भी है, इसलिए सही लाइन पर गेंदबाजी करना बेहद जरूरी है।''
सुथार ने 76 रन देकर चार विकेट लिए, लेकिन दिन के दूसरे सत्र में उनकी कड़ी परीक्षा हुई। इस सत्र में विकेट नहीं मिले, लेकिन इस गेंदबाज ने अपनी रणनीति नहीं बदली। भारत ने लंच तक श्रीलंका के पांच विकेट सिर्फ 99 रन पर गिरा दिए थे। इसके बाद शतक बनाने वाले सोनल दिनूशा (100) और निरोशन डिकवेला (80) ने भारतीय गेंदबाजों का मजबूती से सामना किया। सुथार के मुताबिक ऐसी स्थिति में गेंदबाजों के लिए धैर्य बनाए रखना सबसे जरूरी था।
उन्होंने कहा, ''पहले सत्र में हमारा मुख्य लक्ष्य विकेट हासिल करना था। दूसरे सत्र में विकेट नहीं मिले, लेकिन तीसरे सत्र में उसका असर देखने को मिला। इसलिए गेंदबाजों का ध्यान लगातार अच्छी जगह गेंद डालने पर बनाए रखना जरूरी था।'' सुथार को दूसरे छोर पर अनुभवी रविंद्र जडेजा का साथ मिला। जडेजा ने तीन विकेट लेने के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट भी पूरे किए।
जडेजा से बहुत कुछ सीखना है- मानव सुथार
सुथार ने कहा, ''जडेजा से सीखने के लिए मेरे पास बहुत कुछ है। वह गेंदबाजी क्रीज का बेहद अच्छी तरह इस्तेमाल करते हैं और स्टंप्स पर लगातार गेंद डालने में उनका कोई जवाब नहीं है। मैं जडेजा से यह सीखना चाहता हूं कि बल्लेबाज चाहे जितनी कोशिश करे, गेंदबाज कितनी देर तक स्टंप्स की लाइन में लगातार गेंदबाजी कर सकता है और उससे बल्लेबाज को गलत शॉट खेलने के लिए मजबूर कर सकता है।''
इस 24 वर्षीय गेंदबाज ने यह भी बताया कि उन्होंने मैच के पहले दो दिनों में श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों की रणनीति पर करीब से नजर रखी। उनका मानना था कि इस पिच पर गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखना सबसे अहम है। सुथार ने कहा, ''उन्होंने कल अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने अपनी गति में बदलाव किया और मुझे लगता है कि इस विकेट पर आप जितनी निरंतरता के साथ गेंदबाजी करते हैं, उतनी ही अधिक मदद आपको मिलती है। इसलिए हम भी यही करने की कोशिश कर रहे थे।''
सुथार ने मैच की शुरुआत ही शानदार अंदाज में की और अपनी पहली गेंद पर अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को आउट कर दिया। इस विकेट ने उनका आत्मविश्वास बढ़ा दिया। उन्होंने कहा, ''पहली गेंद पर विकेट हासिल करना बहुत अच्छा अनुभव है। इससे पूरे मैच के दौरान आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है। इससे पहले मैं काउंटी क्रिकेट (वारविकशर के लिए) में भी खेल रहा था।''



