प्लेऑफ्स से बाहर हुई LSG, CSK से मिली हार के बाद क्या बोले कप्तान ऋषभ पंत?
लखनऊ सुपर जायंट्स के टूर्नामेंट से बाहर होने और सीएसके से मिली हार के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने टूर्नामेंट के ओवरऑल प्रदर्शन पर बात ना करते हुए सिर्फ आज के मैच पर ही फोकस होकर अपनी बातें रखीं। जानिए उन्होंने CSK से हारने के बाद क्या कहा?

आईपीएल 2026 में रविवार दोपहर को चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला खेला गया, जिसे चेन्नई की टीम ने पांच विकेट से जीत लिया। इस हार के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम हो गई है। उसके लिए प्लेऑफ्स की रेस खत्म हो गई है और टीम एलिमिनेट हो गई है। लखनऊ ने इस सीजन अब तक कलु 11 मैच खेले हैं जिनमें से उन्हें 8 में हार मिली है और तीन मैच जीते है। 6 अंकों के साथ यह टीम पूरी तरह से एलिमिनेट गो गई है क्योंकि अगले तीन मुकाबले में लखनऊ की टीम अगर तीनों मैच जीतती है तब भी 12 अंकों तक ही पहुंच सकेगी। हालांकि, पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान ऋषभ पंत ने टीम के पूरे टूर्नामेंट में हुए प्रदर्शन पर बात ना करते हुए अभी सिर्फ 1 मैच पर फोकस रखते हुए अपनी बातें कहीं हैं।
सिर्फ एक चीज पर दोष देना सही नहीं
लखनऊ सुपर जायंट्स के टूर्नामेंट से बाहर होने और सीएसके से मिली हार के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा "मुझे लगता है कि यह एक शानदार मैच था। सब कुछ अच्छा चल रहा था। हम जानते थे कि पावर प्ले में हम पर्याप्त दबाव बनाएंगे क्योंकि जब आप इस तरह का अभ्यास करते हैं, तो आप इसी तरह की क्रिकेट का इंतजार करते हैं। लेकिन साथ ही, मुझे लगता है कि हमारे पास पर्याप्त समय था। टी20 क्रिकेट में फील्डिंग का स्तर ऊंचा होना चाहिए। बहुत सारे कैच छूटे और जैसा कि आपने कहा, लेकिन सिर्फ एक चीज पर दोष देना मुश्किल है। लेकिन उर्विल की पारी में जिस तरह से उन्होंने वापसी की, वह वाकई सराहनीय था। बस यही एक बात है। उर्विल ने हमारे लिए इंग्लिस की तरह ही शानदार, अविश्वसनीय पारी खेली।"
उर्विल पटेल ने शानदार पारी खेली, हम कम टोटल बना सके
पंत ने आगे कहा "हम जानते थे कि पावर प्ले में किसी को तो जिम्मेदारी लेनी होगी और इंग्लिस ने वही किया। और सीएसके के लिए, यह जिम्मेदारी उर्विल ने निभाई। लेकिन साथ ही, टीम ने बहुत धैर्य दिखाया। निश्चित रूप से कुछ क्षेत्र हैं जहां हम सुधार कर सकते हैं, लेकिन सीएसके को बधाई। उन्होंने हमसे बेहतर तरीके से धैर्य बनाए रखा। निश्चित रूप से, जिस तरह से हमने शुरुआत की थी, हम और अधिक स्कोर करना चाहते थे, लेकिन हम जानते थे कि 200-210 के आसपास का लक्ष्य अच्छा रहेगा।" पंत ने कहा "पावर प्ले में उन्होंने अच्छी शुरुआत की। लेकिन साथ ही, हम यह भी जानते थे कि स्थिति मुश्किल होती जा रही है और पावर प्ले के बाद गेंद पुरानी होती जा रही थी और विकेट पर बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। मेरे मन में यह बात आई (आखिरी ओवर में शाहबाज को इस्तेमाल करने का), लेकिन दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करना एक कठिन फैसला था। आपको ऐसे किसी खिलाड़ी पर भरोसा करना होगा जो हम पर हावी हो सके, जैसा कि मार्करम ने पिछले कई सालों में हमारे लिए कई बार किया है।"
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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