मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं; मुकुल चौधरी की हैरतअंगेज पारी के कायल हुए कप्तान ऋषभ पंत
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकुल चौधरी की 27 गेंदों पर 54 रनों की हैरतअंगेज पारी को बयां करने के लिए लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान ऋषभ पंत के पास शब्द नहीं थे।

कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकुल चौधरी की 27 गेंदों पर 54 रनों की हैरतअंगेज पारी को बयां करने के लिए लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान ऋषभ पंत के पास शब्द नहीं थे। जब केकेआर पर 3 विकेट से जीत दर्ज करने के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत पोस्ट मैच प्रजेंटेशन के लिए आए तो उनसे मुकुल चौधरी की पारी को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि नेट्स में जब ऐसे खिलाड़ियों को खेलता देखते हैं तो समझ आ जाता है कि उसमें कुछ खास है, मगर जब ऐसे खिलाड़ी मैदान पर अपना जलवा बिखेरते हैं तो कमाल लगता है।
ऋषभ पंत ने मुकुल चौधरी को लेकर कहा, "जब हम उसे (मुकुल को) नेट्स में देखते हैं, तो आप किसी को देखकर समझ जाते हैं, लेकिन जब वह मैच में ऐसा करता है, तो यह सचमुच कमाल का लगता है। हाx, मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैच के बाद मैं बस भावनाओं से भर गया हूx, लेकिन क्या जबरदस्त कोशिश थी!
क्या आप छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों को समझते हैं?
बिल्कुल। एक बात जिसका मैंने खास ध्यान रखा, वह यह कि निजी तौर पर, कभी-कभी भरोसा—जब आप एक खिलाड़ी के तौर पर या एक कप्तान के तौर पर किसी पर विश्वास करते हैं, और उसे मैनेजमेंट का भी भरोसा हासिल होता है—तो वह खिलाड़ी कमाल कर सकता है; मुझे लगता है कि यह भरोसा निश्चित रूप से एक बड़ी भूमिका निभाता है।
आपकी नजर में, इससे टीम के विश्वास और आत्मविश्वास पर क्या असर पड़ता है?
यह निश्चित रूप से टीम का चरित्र दिखाता है—हर मैच में जब कोई खिलाड़ी आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेता है, तो यह दिखाता है कि टीम में कुछ बहुत अच्छा बन रहा है। हम इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते, लेकिन साथ ही हम जानते हैं कि टीम के अंदर कुछ बहुत अच्छा पक रहा है, और उम्मीद है कि यह जल्द ही सबके सामने आएगा।
आयुष बडोनी की पारी को लेकर क्या बोले पंत?
बात यह है कि वह अब हमारी टीम में एक अनुभवी खिलाड़ी (सीनियर प्रो) की तरह हो गया है। हमने उसे इसी तरह की भूमिका दी है, और उस पर पूरा भरोसा किया है। पहले दो मैचों में वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाया, लेकिन ऐसी मुश्किल परिस्थितियों में, वह अपना काम बखूबी करता है। जब हम बडोनी की बात करते हैं, तो हम उससे ऐसी ही परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं। और आज उसने सचमुच कमाल की भूमिका निभाई। शमी अब कोई युवा खिलाड़ी तो नहीं रहे, लेकिन उनका अनुभव—जिस तरह का अनुभव वह टीम में लाते हैं—वह सचमुच अनमोल है। कभी-कभी हर मैच में सब कुछ ठीक नहीं चलता, लेकिन जब आपके पास शमी जैसा खिलाड़ी हो, तो यह बहुत शानदार होता है—और सिर्फ शमी भाई ही नहीं, बल्कि हमारी पूरी गेंदबाज़ी यूनिट बहुत ही बेहतरीन काम करती है।
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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