अभी उसको पानी पिलाने दो..., वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल डेब्यू कराने के पक्ष में क्यों नहीं हैं अश्विन?
आयरलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को ना खिलाए जाने को लेकर पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन की प्रतिक्रिया सामने आई है। वे वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में ना शामिल करने के पक्ष में दिखे हैं। उन्होंने अभी वैभव को बाहर बैठने और पानी पिलाने की सलाह दी है। ऐसा क्यों पूरा जानिए।

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को ना खिलाए जाने को लेकर पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन की प्रतिक्रिया सामने आई है। वे वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में ना शामिल करने के पक्ष में दिखे हैं। उन्होंने कहा है कि टीम मैनेजमेंट और कोच ने अपने हिसाब से सही फैसला किया है। अश्विन का साफ मानना है कि वैभव को भारतीय टी-20 टीम की प्लेइंग XI में शामिल होने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वैभव या तो किसी सलामी बल्लेबाज के खराब प्रदर्शन की वजह से या किसी के चोटिल होने के कारण ही डेब्यू कर सकते हैं। उन्होंने वैभव के बारे में कहा कि उसे ड्रेसिंग रूप में बैठकर, पानी पिलाकर भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
हाइप पर जगह नहीं मिलनी चाहिए
अपने यूट्यूब चैनल के खास प्रोग्राम ऐश की बात में वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ चर्चा के दौरान जब अश्विन से पूछा गया कि आप वैभव को टीम में शामिल ना किए जाने को कैसे देखते हैं तब उन्होंने कहा-"ये क्रिकेट टीम है, कोई इंडिविजुएल के लिए टीम बनाते नहीं हैं और गौतम गंभीर ने क्या कहा टीम फर्स्ट सुपरस्टार कल्चर नहीं चाहिए।" अश्विन ने साफ तौर पर माना कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो कोई क्यों रेस्ट करेगा या अपनी जगह क्यों छोड़ेगा। वैभव को उनकी जगह खिलाना सही नहीं है। अश्विन ने कहा कि “किसी भी खिलाड़ी को भारतीय टीम में जगह उसकी मेरिट पर मिलनी चाहिए व्यक्तिगत चर्चा या हाइप के आधार पर नहीं।”
पानी पिलाने दो, बाहर बैठने दो, सीखने दो
अश्विन ने क्रिकेट के खेल में ड्रेसिंग रूम साझा करने और बाहर बैठने की अहमियत पर बात करते हुए कहा कि “ वैभव सूर्यवंशी को खेलना है, आप सब फैंस हैं, वो बहुत बड़ा एंटरटेनर है, बट नॉट एनी कॉस्ट। मैं क्या बोल रहा हूं बहुत बार क्रिकेटिंग टीम्स में बाहर बैठ के मैच देखने के लिए भी वैल्यू है। उसको बाहर बैठने दो, टीम को सर्विस करने दो, सेवा करने दो, पानी पिलाने दो, उसमें भी सीखने के लिए बहुत सारी चीजें मिलेंगी।” अश्विन ने कहा “बाहर बैठना भी एक रोल है, कसुछ उसमें शर्म की बात नहीं है।”
जबरदस्ती आप डेब्यू नहीं करा सकते
अश्विन के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी मेरिट पर जगह बनाने के हकदार हैं, लेकिन मौजूदा समय में भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम में ओपनिंग स्लॉट खाली नहीं है। अश्विन ने स्पष्ट शब्दों में कहा- “ मेरिट में भी वैभव सूर्यवंशी डिमांड करता है कि वो टीम में खेले पर उस कीमत पर नहीं कि पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे किसी ओपनर को बाहर करके।” अश्विन के मुताबिक वैभव को किसी खिलाड़ी के चोटिल होने या खराब प्रदर्शन के बाद ही मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा - “प्योरली अगर वैभव सूर्यवंशी को टीम में लाना है तो यह उस कीमत पर ही हो सकता है कि किसी ओपनर को इंजुरी हो जाए या प्रदर्शन का स्तर बहुत खराब हो जाए। जबरदस्ती आप डेब्यू नहीं करा सकते। सिर्फ इसलिए उसे टीम इंडिया में मौका नहीं मिल जाना चाहिए कि हमें देखना है।” अश्विन ने कहा कि “वैभव में सचिन तेंदुलकर की तरह करियर बनाने की पोटेंशियल दिख रही है वो एक महान खिलाड़ी बन सकते हैं लेकिन फिलहाल, जगह नहीं है अभी टीम में तब जगह बनेगी वो खेलेगा।”
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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