एक टेस्ट खेलकर भारतीय खिलाड़ी कर्ण शर्मा ने लिया संन्यास, यूपी लीग में खेलेंगे आखिरी मैच
भारतीय क्रिकेटर कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। वह 25 अगस्त को अपना आखिरी लीग मैच खेलेंगे। उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 खेला।

लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने शनिवार को इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने भारत का तीनों फॉर्मेट में प्रतिनिधित्व किया। कर्ण ने भारत के लिए एक टेस्ट और दो वनडे और एक टी20 मैच खेला। रेलवे के इस गेंदबाज ने शनिवार रात कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मैवरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग मैच के बाद घोषणा की। 25 अगस्त को वह यूपी टी20 लीग में अपना आखिरी मैच खेलेंगे।
स्पिनर कर्ण शर्मा ने किया किया संन्यास का ऐलान
कर्ण ने संन्यास का ऐलान करने के बाद कहा, ''मैं बस संन्यास लेना चाहता हूं। मैं मंगलवार को अपना आखिरी मैच खेलूंगा और सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूँ। इसके बाद, मैं कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहूंगा। जिन लोगों ने भी मेरा समर्थन किया मैं उन सभी को सिर्फ धन्यवाद कहना चाहता हूं। मेरा परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र। इस सफर में मेरा साथ देने वाले सभी लोगों का मैं वास्तव में आभारी हूं।”
मेरठ के कर्ण शर्मा ने 2014 में खेल के सभी प्रारूपों में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उन्होंने अपना एक मात्र टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टी20 मैच बर्मिंघम में खेला, जबकि उन्हें दो वनडे खेलने का मौका मिला था। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दोनों मैच खेले थे। 2014 की नीलामी में कर्ण शर्मा की किस्मत चमकी थी। उनको सनराइजर्स हैदराबाद ने 3.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय इस नीलामी में वह सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने थे। उन्होंने आईपीएल में 90 मैचों में 83 विकेट लिए।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
उन्होंने 2007-08 घरेलू सीजन में प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी20 डेब्यू किया था और बतौर ऑलराउंडर अपनी जगह बनाई। उन्होंने अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू में शतक लगाया था। हालांकि 2012-13 सीजन में उन्हें बड़ा मौका मिला। उन्होंने 97 फर्स्ट क्लास मैचों में 279 विकेट लिए। लिस्ट ए में 123 मैचों में 153 विकेट और टी20 क्रिकेट में 191 मैचों में 168 विकेट चटकाए। उन्होंने लिस्ट ए में तीन पांच विकेट हॉल और एक शतक के साथ 6 अर्धशतक लगाए हैं।
घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए करियर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में रेलवे, आंध्र और विदर्भ का प्रतिनिधित्व किया। कर्ण शर्मा के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह लगातार तीन अलग-अलग आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ तीन इंडियन प्रीमियर लीग खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी हैं। संन्यास के बाद अब उन्होंने कोचिंग करियर में दिलचस्पी दिखाई है।



