FIFA वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े गोल स्कोरर बने किलियन एमबाप्पे
किलियन एमबाप्पे ने इंग्लैंड के खिलाफ 2 गोल कर इतिहास रचा। वह 22 गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने लियोनेल मेसी का रिकॉर्डतोड़ा है।

किलियन एमबाप्पे ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में फ्रांस के लिए दो गोल करके फुटबॉल विश्व कप में अपने कुल गोल की संख्या 22 तक पहुंचाई और लियोनल मेस्सी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फ्रांस के स्टार एमबाप्पे ने मौजूदा विश्व कप में 10 गोल किए हैं और 'गोल्डन बूट' की दौड़ में अर्जेन्टीना के महान खिलाड़ी मेस्सी से दो गोल आगे चल रहे हैं। यह पुरस्कार टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले को दिया जाता है।
मेस्सी को एमबाप्पे से आगे निकलने का आखिरी मौका तब मिलेगा जब वह और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में फाइनल में स्पेन का सामना करेंगे।
एमबाप्पे ने 'फॉक्स स्पोर्ट्स' से फ्रेंच में कहा, ''मैं इतिहास का शीर्ष स्कोरर नहीं बनकर कल का मैच (फाइनल) खेलना अधिक पसंद करता।''
एमबाप्पे ने चार साल पहले कतर में आठ गोल करके गोल्डन बूट जीता था जहां फ्रांस फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेन्टीना की टीम से हार गया था।
मौजूदा टूर्नामेंट में 10 गोल करके एमबाप्पे ने विश्व कप में तीसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। फ्रांस के लिए 1958 में जस्ट फोनटेन ने रिकॉर्ड 13 गोल किए थे जबकि हंगरी के सैंडोर कोक्सिस ने 1954 में 11 गोल किए थे। पश्चिम जर्मनी के गर्ड म्यूलर ने 1970 में 10 गोल दागे थे।
जब मध्यांतर के समय फ्रांस 0-4 से पीछे था तो ऐसा लग रहा था कि एमबाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में पिछड़ जाएंगे।
एमबाप्पे ने 48वें मिनट में गोलकीपर डीन हेंडरसन को छकाते हुए गोल करके टीम में नई जान फूंकी। इसके बाद 66वें मिनट में उन्होंने लगभग 14 गज की दूरी से बाएं पैर से शॉट मारकर फिर से हेंडरसन को पछाड़ा और मेस्सी के विश्व कप में सर्वाधिक 21 गोल के करियर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
एमबाप्पे के दूसरे गोल से फ्रांस ने स्कोर 3-4 किया लेकिन टीम जीत दर्ज करने में नाकाम रही।
एमबाप्पे ने कहा, ''मैच में दो बिल्कुल अलग हाफ थे। पहले हिस्से के दौरान मैं समझ सकता हूं कि कुछ लोग क्यों सोचते हैं कि हमने खुद को बेवकूफ बनाया और जर्सी का सम्मान नहीं किया। मैं तो बस इतना कहूंगा कि हम इंसान हैं और हम ऐसी गलती करने की स्थिति में नहीं थे। हम पूरी तरह से हैरान रह गए थे और उन्होंने सच में हमें झकझोर दिया।''
उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी खिलाड़ी डिडियर डेसचैम्प्स के लिए जीतना चाहते थे जो राष्ट्रीय टीम की अंतिम मैच में कोचिंग कर रहे थे।
एमबाप्पे ने कहा, ''आखिरकार हम जीत नहीं पाए और यह कोच के लिए दुख की बात है। पहले हाफ से ऐसा लगता है कि हमने उन्हें निराश किया। हम बिल्कुल नहीं चाहते थे कि उन्हें ऐसा महसूस हो। यह मैच डिडियर डेसचैम्प्स की विरासत पर कोई दाग नहीं लगाएगा।''
फ्रांस ने डेसचैम्प्स की कोचिंग में 2018 में विश्व कप जीता था लेकिन 2022 में फाइनल में अर्जेंटीना से पेनल्टी शूटआउट में हारा गया था। इस साल फ्रांस को सेमीफाइनल में स्पेन ने हराया।
डेसचैम्प्स के 14 साल के कार्यकाल का यह एक निराशाजनक अंत था जबकि उनकी स्टार खिलाड़ियों से भरी टीम एक और विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी।
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Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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