कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में काटा गदर, पहली बार किया ऐसा; शतक का खास जश्न- VIDEO
Kumar Kushagra Duleep Trophy Century: कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में शतक जमाया। विकेटकीपर-बल्लेबाज कुशाग्र ने साउथ जोन के खिलाफ मैच के दूसरे दिन यह कारनामा किया।

ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडमयम में जारी है। कुमार कुशाग्र ने सोमवार को शतक जमाया। उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 132 गेंदों में 101 रन बनाए। उनके बल्ले से 8 चौके और पांच छक्के निकले। कुशाग्र ने पहली बार दलीप ट्रॉफी में सेंचुरी लगाई है। उन्होंने मैच के दूसरे दिन 63 रनों से आगे अपनी बढ़ाई। झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 127 गेंदों में शतक कंप्लीट किया। उन्होंने श्रेयस गोपाल द्वारा डाले गए 100वें ओवर के पहली गेंद पर सिंगल लेकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का छठा शतक ठोका।
शतक का खास जश्न मनाया
21 वर्षीय कुशाग्र ने पहली दलीप ट्रॉफी सेंचुरी का खास अंदाज में जश्न मनाया। उन्होंने शतक पूरा होने के बाद अपना हेल्मेट उतारकर नीचे रखा और फिर बैट को उल्टा किया। उन्होंने वायलिन बजाने के अंदाज में सेंचुरी को सेलिब्रेट किया। हालांकि, कुशाग्र शतक लगाने के बाद ज्यादा देर नहीं टिके। त्रिपुराना विजय ने कुशाग्र को 101वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शिकार किया। लंच से पहले एक खराब गेंद पर शानदार पारी का अंत हुआ। कुशाग्र बहुत छोटी और स्टंप पर आई गेंद को मैदान में कहीं भी मार सकते थे लेकिन मिलिंद को फाइन लेग पर कैच थमाया। मिलिंद ने खड़े-खड़े आसान कैच लपका।
ईशान संग दमदार साझेदारी
कुशाग्र ने ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के दमदार साझेदारी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 230 रन जोड़े। लंच ब्रेक के समय ईस्ट जोन का स्कोर पहली पारी में 108 ओवर में 491/5 रहा। ईशान 232 गेंदों में 171 रन बनाकर नाबाद हैं, जिसमें 21 चौके और दो छक्के शामिल हैं। उनका साथ अनुकूल रॉय (नाबाद 5) निभा रहे हैं। मैच के दौरान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाले ईशान ने अपनी पारी में आक्रामकता और संयम का बेहतरीन नमूना पेश किया है। उन्होंने शिखर मोहन (85) के साथ भी चौथे विकेट के लिए 94 रनों की पार्टनरशिप की।
साउद जोन ने मौका गंवाया
ईशान और मोहन ने पहले दिन उस वक्त मोर्चा संभाला, जब ईस्ट जोन की टीम 147 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। साउथ जोन के पास तब वापसी करने का मौका था लेकिन दोनों बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर विरोधी गेंदबाजों को निराश किया। इसके बाद कुशाग्र ने भी दृढ़ संकल्प के साथ बल्लेबाजी की। ईस्ट जोन लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (44) और अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन (72) ने भी उपयोगी योगदान दिया।



