
एलिसा हीली पर फिर भारी पड़ीं क्रांति गौड़, 5 पारियों में चौथी बार किया आउट
ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली के खिलाफ भारत की स्टार गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपना दबदबा कायम रखा है। गुरुवार को महिला विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में दोनों खिलाड़ी 5वीं बार वनडे में आमने-सामने थीं और गौड़ एक बार फिर भारी पड़ीं। उन्होंने पिछली 5 पारियों में चौथी बार एलिसा हीली का विकेट चटकाया।
ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली के खिलाफ भारत की स्टार गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपना दबदबा कायम रखा है। गुरुवार को महिला विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में दोनों खिलाड़ी 5वीं बार वनडे में आमने-सामने थीं और गौड़ एक बार फिर भारी पड़ीं। उन्होंने पिछली 5 पारियों में चौथी बार एलिसा हीली का विकेट चटकाया। सेमीफाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को बोल्ड करके बड़ा झटका दिया।
एलिसा हीली जबरदस्त फॉर्म में चल रही हैं। इस विश्व कप में अब तक उन्होंने 5 मैच की 5 पारियों में 299 रन बना चुकी हैं। वह इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में चौथे नंबर पर हैं।
इससे पहले भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम ने 3 बदलाव किए। चोटिल प्रतीका रावल की जगह शेफाली वर्मा को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। हरलीन देओल को ड्रॉप कर उनकी जगह क्रांति गौड़ को और विकेटकीपर उमा छेत्री की जगह पर रिचा घोष को मौका मिला।
आस्ट्रेलियाई टीम में कप्तान हीली और सोफी मोलिनू की वापसी हुई है जो जॉर्जिया वेयरहैम और जॉर्जिया वोल की जगह लेंगी। इस मैच के विजेता का सामना रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से होगा।
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम के ग्राउंड में क्रांति गौड़ ने पारी के छठे ओवर की पहली ही गेंद पर एलिसा हीली को बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलाई। उस वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 25 रन था। हीली ने 15 गेंदों का सामना किया। उनके आउट होने के बाद फीबी लिचफील्ड और एलिस पेरी ने दूसरे विकेट के लिए 155 रन की साझेदारी की। लिचफील्ड ने शानदार शतक लगाया। वह 119 रन बनाकर अमनजोत कौर की गेंद पर बोल्ड हुईं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी मैच में बांह पर काली पट्टी बांधकर खेल रही हैं। ऐसा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बेन ऑस्टिन को श्रद्धांजलि के रूप में किया गया है। ऑस्टिन को मंगलवार को ट्रेनिंग सेशन में गर्दन और सिर के आसपास के हिस्से में गेंद लग गई थी। उसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वे बचाए नहीं जा सके। 11 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेशनल खिलाड़ी फिल ह्यूज की भी बल्लेबाजी के दौरान इसी तरह गेंद लगने से मौत हुई थी।






