किसी ने IPL में 8000 रन बनाए हैं इसका मतलब ये नहीं कि वे मुझसे बेहतर है, किस पर भड़के डिविलियर्स?
डिविलियर्स ने कहा है कि जब कोई मेरी तुलना आपीएल के टॉप रन स्कोरर से करता है तब मुझे इससे काफी परेशानी होती है। डिविलियर्स ने सीधे शब्दों में कहा कि अगर किसी ने आठ हजार से ज्यादा रन बनाए हैं तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह मुझसे बेहतर है।

दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाजों में से एक और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के पूर्व क्रिकेटर एबी डिविलियर्स ने सलामी बल्लेबाजों को मिलने वाले फायदों के बारे में बात की है। अक्सर टॉप रन स्कोरर की उनके साथ तुलना की जाती है, जिसे उन्होंने अपने लिए परेशानी का सबब माना है। डिविलियर्स ने कहा है कि जब कोई मेरी तुलना आपीएल के टॉप रन स्कोरर से करता है तब मुझे इससे काफी परेशानी होती है। डिविलियर्स ने सीधे शब्दों में कहा कि अगर किसी ने आठ हजार से ज्यादा रन बनाए हैं तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह मुझसे बेहतर हो सकता है। मैं उससे बेहतर हूं इस मामले में। उसके पक्ष में सिर्फ एक ही बात अच्छी है कि उसने मुझसे ज्यादा गेंदें खेली हैं।
जिसके 8000 रन हैं उससे बेहतर हूं
मबांगवा मीडिया के यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए, एबी डिविलियर्स ने आईपीएल के शीर्ष रन-स्कोररों के साथ अपनी तुलना को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा "इसलिए मुझे तब बहुत गुस्सा आता है जब आईपीएल में मेरे रनों की तुलना दूसरे खिलाड़ियों से की जाती है, क्योंकि तब मुझे लगता है कि मैंने सलामी बल्लेबाजों जितनी गेंदें तो नहीं खेली हैं। उन्होंने आगे अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि "इससे मुझे बहुत चिढ़ होती है।" उन्होंने बिना कोई नाम लिए कहा कि “इस खिलाड़ी ने 8,000 रन बनाए हैं, वो अब तक के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। मैं सोचता हूं, नहीं, मैं उनसे बेहतर हूं, उन्होंने ज्यादा गेंदें खेली हैं।” बता दें कि आईपीएल के इतिहास में अब तक सिर्फ विराट कोहली ने ही 8000 से अधिक रन बनाए हैं और वे अपनी टीम के लिए सलामी बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में कई फैंस यह मान रहे हैं कि एबी डिविलियर्स ने यह बयान विराट कोहली को टारगेट करते हुए दिया है।
सलामी बल्लेबाजी करना आसान है
एबी डिविलियर्स ने बातचीत के दौरान उसी पॉडकास्ट में आगे कहा कि "वे सलामी बल्लेबाज हैं। वे पावरप्ले के दौरान बल्लेबाजी करते हैं और उस समय तीस गज के दायरे के बाहर सिर्फ दो खिलाड़ी होते हैं। ऐसी परिस्थितियों में रन बनाना ज्यादा आसान होता है, मिडिल ओवर्स में बल्लेबाजी करने की तुलना में। दुनिया के हर कोने में बतौर सलामी बल्लेबाजी फील्डिंग रिस्ट्रिक्शन के साथ बल्लेबाज करना आसान है। खासकर यह इंडिया में तो और भी आसान है।" उन्होंने नई गेंद के साथ रन बनाने को आसान बताते हुए कहा कि "उस दौरान गेंद में उछाल होता है और उसे बाउंड्री के बाहर फील्ड रिस्ट्रिक्शन के साथ पहुंचाना आसान है।" गेंदबाजों के लिए पावर प्ले को डिविलियर्स ने बुरा बताया। उन्होंने कहा कि "गेंद बल्ले का किनारा लेकर भी चार रन चली जाती है और गेंदबाज को निराशा हाथ लगती है। यह पूरी तरह से गलत है।" डिविलियर्स ने ट्रेविस हेड का उदाहरण देते हुए कहा कि "अब तो ट्रैविस हेड की ही तरह गेंदें हर तरफ उड़ रही हैं। इनसाइड एज फोर, आउटसाइड एज फोर। अच्छा शॉट, सिक्स, शानदार, लेकिन तीन में से एक ही सही होता है।"
मुझे करियर के आखिरी में 5 नंबर पर भेजा गया
डिविलियर्स ने अपने बारे में बात करते हुए कहा कि "मुझे करियर के आखिरी दौर में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया। मैं सोचता हूं ऐसा क्यों हुआ। क्या इसलिए कि मैं अच्छा फिनिशर हूं। नहीं, मुझे नई बॉल से बल्लेबाजी करने का मौका देना चाहिए था।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अपने करियर के आखिरी दौर में क्यों कुछ कप्तान खुद की बैटिंग पोजीशन को ऊपर कर लेते हैं।
ऐसा है डिविलियर्स का आईपीएल करियर
एबी डिविलियर्स के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने आईपीएल में कुल 184 मैच खेले, जिसकी 170 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 39.71 की औसत और 151.69 की स्ट्राइक रेट से कुल 5162 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 413 चौके और 251 छक्के जड़े। उन्होंने आईपीएल में 40 अर्धशतक और 3 शतक भी लगाए। डिविलियर्स ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2008 से की थी और 2021 तक आईपीएल में एक्टिव थे।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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