जोफ्रा आर्चर ने खोल दीं वैभव सूर्यवंशी की आंखें, बुमराह-हेजलवुड से अलग निकले; IPL में जो कहा था कर दिखाया
जोफ्रा आर्चर ने आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी के लिए जो कहा था उस पर अब तक एकदम खरे उतरे हैं और 15 वर्षीय वंडर बॉय का बल्ला चलने नहीं दिया है। तीन में से दो मैचों में पवेलियन भेज चुके हैं, जिसमें वैभव ने 13 गेंदों का सामना सिर्फ 18 रन दो छक्कों की मदद से बनाए हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला भी टीम इंडिया हार गई। ब्रिस्टल में 9 जुलाई को खेले गए मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। इंग्लैंड को 159 रनों का लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने सिर्फ एक विकेट खोकर 13.5 ओवर में हासिल कर लिया। इस मुकाबले में यूं तो श्रेयस अय्यर के अलावा भारत के सभी बल्लेबाज फेल हुए लेकिन हाईलाइट में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर का कॉन्टेस्ट रहा। इस मुकाबले में भी वैभव ने एक-दो आकर्षक शॉट्स लगाए लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं सके। उन्हें जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर शॉर्ट गेंद पर पवेलियन भेजा। मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी 1 चौके और 1 छक्के की मदद से सिर्फ 10 गेंदों में 15 रन ही बना सके।
भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज में आर्चर का पलड़ा भारी
इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर का तीन बार आमना-सामना हुआ है, जिसमें से दो बार इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने पवेलियन भेजा है। दोनों के बीच अब तक सिर्फ 13 गेंदों का आमना- सामना हुआ है। जिसमें वैभव ने सिर्फ 18 रन 2 छक्कों की मदद से बनाए हैं। इस दौरान 2 बार पवेलियन की राह देख चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी ने भले ही जोफ्रा की पहली गेंद पर छक्का लगाया हो, लेकिन अब तक कॉम्पिटिशन में जोफ्रा का पलड़ा भारी रहा है। उनकी इस सफलता के कारण आईपीएल में आर्चर द्वारा दिया गया बयान काफी चर्चा में है। एक तरह से कहा जा सकता है कि आर्चर ने जो कहा था वो कर दिखाया। आईपीएल के एक मुकाबले के दौरान उनसे वैभव सूर्यवंशी को आउट करने के प्लान के बारे में पूछा गया था तब उन्होंने कहा था यह मैं आईपीएल के बाद बताऊंगा और अब वे अपनी गेंदबाजी से यही कर रहे हैं, कुछ बोलने की जरूरत ही नहीं महसूस हो रही है।
आईपीएल में आर्चर ने कही थे ये बात, जो साबित हो रही सच
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद पर राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत के बाद जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ अपनी गेंदबाजी की योजना बताने से मजाकिया अंदाज में इनकार कर दिया था। मैच के बाद के इंटरव्यू में आर्चर से पूछा गया था कि क्या नेट्स में सूर्यवंशी को गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने उन्हें रोकने का कोई फॉर्मूला खोज लिया है। इस सवाल को आर्चर ने टाल दिया था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि 'आईपीएल खत्म होने के बाद बताऊंगा।' जब आर्चर से पूछा गया कि क्या वह नेट्स में सूर्यवंशी को गेंदबाज़ी करते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "कभी-कभी।" आर्चर ने वैभव को नेट्स में जितनी भी गेंदबाजी की है प्रतीत होता है कि उनकी कमजोरी को भांप लिया है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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