सबसे ज्यादा टेस्ट मैच हारने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बने जो रूट, टॉप-2 में ये दो नाम

Jan 09, 2026 09:28 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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सिडनी टेस्ट में मिली हार के साथ ही रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक मैच हारने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस अनचाही सूची में उन्होंने वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम (दोनों 63 हार) को पीछे छोड़ दिया है।

सबसे ज्यादा टेस्ट मैच हारने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बने जो रूट, टॉप-2 में ये दो नाम

एशेज 2025-26 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के हाथों इंग्लैंड की 4-1 से शर्मनाक हार के बाद दिग्गज बल्लेबाज जो रूट के नाम एक बेहद निराशाजनक और शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सिडनी टेस्ट में मिली हार के साथ ही रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक मैच हारने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस अनचाही सूची में उन्होंने वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम (दोनों 63 हार) को पीछे छोड़ दिया है।

इस सूची में टॉप-2 नामों की बात करें तो वेस्टइंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल अभी भी शीर्ष पर काबिज हैं, जिन्होंने अपने करियर में कुल 77 टेस्ट हार झेली हैं। दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के ही महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन हैं, जिनके नाम 68 टेस्ट हार दर्ज हैं। जो रूट अब 64 हार के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने हारी हुई 128 पारियों में 35.97 की औसत से 4353 रन बनाए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इस खराब टीम प्रदर्शन के बीच भी जो रूट ने व्यक्तिगत रूप से शानदार उपलब्धियां हासिल कीं। ऑस्ट्रेलिया में अपने पिछले तीन दौरों पर एक भी शतक न लगा पाने वाले रूट ने इस बार ब्रिस्बेन में नाबाद 138 और सिडनी में 160 रनों की ऐतिहासिक पारियां खेलीं। हालांकि, उनकी ये शानदार पारियां इंग्लैंड को सीरीज हारने से नहीं बचा सकीं और ऑस्ट्रेलिया ने लगातार पांचवीं बार एशेज पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक मैच हारने वाले टॉप-10 खिलाड़ी:

1. शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज): 77 हार (1994-2015)

2. जेम्स एंडरसन (इंग्लैंड): 68 हार (2003-2024)

3. जो रूट (इंग्लैंड): 64 हार (2013-2026)

4. ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज/आईसीसी): 63 हार (1992-2006)

5. मुशफिकुर रहीम (बांग्लादेश): 63 हार (2005-2025)

6. क्रेग ब्रैथवेट (वेस्टइंडीज): 57 हार (2011-2025)

7. सचिन तेंदुलकर (भारत): 56 हार (1990-2012)

8. एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड): 55 हार (2006-2018)

9. एंजेलो मैथ्यूज (श्रीलंका): 54 हार (2009-2025)

10. एलेक स्टीवर्ट (इंग्लैंड): 54 हार (1990-2003)

बता दें कि जो रूट की टीम भले ही बैजबॉल यानी टेस्ट क्रिकेट खेलने के अपने अग्रेसिव तरीके के कारण लगातार अच्छा प्रदर्शन ना कर पा रही हो लेकिन रूट टेस्ट क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित करते जा रहे हैं। वे सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन के रिकॉर्ड के और करीब पहुंचते जा रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के 51 शतकों के मुकाबले अब उनके टेस्ट शतकों की संख्या भी 41 पहुंच गई है यानी वे सिर्फ 10 टेस्ट शतक ही पीछे हैं।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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