जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी के ब्रैडमैन हैं, पूर्व क्रिकेटर ने जस्सी को दिया नया टैग, जानिए कौन थे ये महान खिलाड़ी?
जसप्रीत बुमराह को आकाश चोपड़ा ने गेंदबाजी का डॉन ब्रैडमैन करार दिया है। उन्होंने बुमराह के बारे में कौन सी बातें कही हैं और ब्रैडमैन कौन थे आइए हम आपको विस्तार से बताते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की भिड़ंत से पहले क्रिकेट जगत में जसप्रीत बुमराह के नाम की गूंज सुनाई दे रही है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और प्रसिद्ध कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भारतीय तेज गेंदबाज की असाधारण क्षमताओं की सराहना करते हुए उन्हें एक ऐसी उपाधि दी है जिसने खेल प्रेमियों को खुश कर दिया है। चोपड़ा का मानना है कि बुमराह का खेल पर प्रभाव और उनकी निरंतरता उन्हें दुनिया के अन्य गेंदबाजों से काफी ऊपर खड़ा करती है। उन्होंने बुमराह की तुलना क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज से करते हुए उन्हें वर्तमान युग का सबसे प्रभावशाली गेंदबाज बताया है। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बुमराह की क्वालिटी और उनके मानसिक संतुलन पर चर्चा करते हुए कहा, "जस्सी (बुमराह) गेंदबाजी के ब्रैडमैन हैं, मेरा मतलब है कि वह उस स्तर की क्वालिटी रखते हैं।"
6 रनों के ओवर ने खोले फाइनल के दरवाजे
चोपड़ा के अनुसार, बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी कंसिस्टेंसी है। उन्होंने विस्तार से बताया कि उन्हें बुमराह का ऐसा कोई भी 'ऑफ डे' या खराब दिन याद नहीं आता जब भारत को उनकी सख्त जरूरत रही हो और उन्होंने रन लुटाए हों। जहां जोफ्रा आर्चर जैसे बड़े गेंदबाज कभी-कभी चार ओवर में 60 रन तक दे देते हैं, बुमराह के साथ ऐसा कभी नहीं होता है। बुमराह की अहमियत को बताते हुए आकाश चोपड़ा ने टूर्नामेंट के उस महत्वपूर्ण क्षण का जिक्र किया जिसने भारत के फाइनल का रास्ता साफ किया। उन्होंने बताया कि कभी-कभी विकेटों की संख्या उतनी प्रभावी नहीं दिखती, जितनी उनकी कसी हुई गेंदबाजी होती है। चोपड़ा ने कहा, "भारत के दृष्टिकोण से, अगर वह छह रन का ओवर नहीं होता, तो भारत आज फाइनल में नहीं होता।"
ये चीज बुमराह को बनाती है गेंदबाजी का डॉन ब्रैडमैन
उनके अनुसार, बुमराह के चार ओवर हमेशा 'सुरक्षित' माने जाते हैं और वे विपक्षी टीम की रन गति पर अंकुश लगाने में माहिर हैं। यही कारण है कि जब दबाव सबसे अधिक होता है, तब बुमराह टीम इंडिया के लिए सबसे बड़े संकटमोचक बनकर उभरते हैं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले खिताबी मुकाबले में बुमराह की भूमिका सबसे निर्णायक होगी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स भी पहले ही बुमराह को भारतीय टीम का सबसे घातक हथियार बता चुके हैं। आकाश चोपड़ा का मानना है कि बुमराह के पास खेल के हर पल को पढ़ने की अद्भुत क्षमता है, जो उन्हें 'गेंदबाजी का डॉन ब्रैडमैन' बनाती है। अब करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की निगाहें रविवार के फाइनल पर टिकी हैं, जहां उन्हें उम्मीद है कि बुमराह अपनी धारदार गेंदबाजी से टीम इंडिया को एक बार फिर विश्व विजेता बनाएंगे।
कौन थे सर डॉन ब्रैडमैन?
बता दें कि सर डोनाल्ड ब्रैडमैन, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में 'द डॉन' के नाम से जाना जाता है, ऑस्ट्रेलिया के एक महान क्रिकेटर थे जिनका जन्म 27 अगस्त 1908 को न्यू साउथ वेल्स में हुआ था। उन्हें खेल के इतिहास का सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है, जिन्होंने बल्लेबाजी के ऐसे मानक स्थापित किए जिन्हें आज तक कोई पार नहीं कर सका है। ब्रैडमैन का करियर इतना शानदार रहा कि उसकी तुलना किसी अन्य खिलाड़ी से करना नामुमकिन सा लगता है। उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 99.94 की औसत से कुल 6,996 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 29 शतक और 12 दोहरे शतक दर्ज हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 334 रन रहा। इंग्लैंड के खिलाफ एक ही सीरीज में उन्होंने रिकॉर्ड 974 रन बनाए थे, जो आज भी एक विश्व रिकॉर्ड है। अपने विदाई मैच में उन्हें अपने करियर का औसत 100 तक पहुंचाने के लिए केवल 4 रनों की आवश्यकता थी, लेकिन वे शून्य पर आउट हो गए, जिससे क्रिकेट इतिहास का सबसे प्रसिद्ध औसत 99.94 पर ही रुक गया। साल 2001 में उनके निधन के बावजूद, वे आज भी क्रिकेट की दुनिया में उत्कृष्टता का सर्वोच्च पैमाना बने हुए हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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