क्रिकेटर्स के लिए वॉशरूम की कोई दिक्कत नहीं होगी, एशियाई खेलों को लेकर बोला जापान, भारत-पाक को सीधा जवाब

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जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने एशियाई खेलों के लिए भारत और पाकिस्तान जैसे बड़े क्रिकेट बार्डों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं का खंडन किया है। सीधे शब्दों में कहा है कि खिलाड़यों को शौचालय से जुड़ी दिक्कतें नहीं होंगी। टीमों को अपने आवास की व्यवस्था करने की भी पूरी स्वतंत्रता है।

indian cricket team
भारतीय क्रिकेट टीम (फाइल फोटो)

जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने 2026 एशियाई खेलों के लिए सुविधाओं को लेकर भारत, पाकिस्तान और अन्य एशियाई क्रिकेट बोर्डों द्वारा उठाई गई चिंताओं का खंडन किया है। एसोसिएशन ने नए बने मैदान और आवास व्यवस्था दोनों का बचाव करते हुए इस दावे को खारिज कर दिया है कि खिलाड़ियों को शौचालय तक पहुंचने के लिए सैकड़ों मीटर चलना पड़ेगा।

19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में क्रिकेट आइची प्रांत के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क स्थित निशिन क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। मार्च में ही बनकर तैयार हुए इस बेसबॉल मैदान को क्रिकेट ग्राउंड में बदला गया है। एशियाई क्रिकेट काउंसिल के सदस्य इस मैदान पर उपस्थिति सुविधाओं पर सवाल उठा रहे हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान उन बोर्डों में शामिल थे, जो व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में शामिल थे। एसीसी द्वारा आयोजन स्थल और संबंधित सुविधाओं का निरीक्षण करने के लिए जापान में प्रतिनिधि भी भेजे जा सकते हैं।

जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ ने क्या कहा?

जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी ने कहा कि आयोजकों को क्रिकेट मैदान को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करने के लिए एक साल से थोड़ा अधिक समय दिया गया था, जिसके चलते उन्हें सीमित संसाधनों के साथ काम करना पड़ा। मियाजी ने पीटीआई को बताया, “उनके पास तैयारी के लिए केवल 17 महीने थे और उन्हें बिल्कुल नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ी। ऐसा इसलिए क्योंकि आइची प्रांत में किसी भी स्तर का कोई क्रिकेट मैदान नहीं था। उपलब्ध सीमित समय और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए, AINAGOC और ACC ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि खेल सुविधाएं उपयुक्त हों।”

मियाजी ने खेल की परिस्थितियों की गुणवत्ता का बचाव करते हुए श्रीलंका क्रिकेट की सहायता से किए गए कार्यों का उल्लेख किया । उन्होंने कहा, “यह एक पूर्ण आकार का मैदान होगा जिसमें टर्फ और हाइब्रिड पिचें सर्वश्रेष्ठ क्यूरेटरों द्वारा तैयार की जाएंगी। इसके लिए श्रीलंका क्रिकेट को श्रेय दिया जाना चाहिए। इन सीमित संसाधनों के भीतर वे जो कर सकते हैं उसकी कुछ सीमाएं हैं, लेकिन मैंने जो देखा है, उसके अनुसार खेल की सतह और मैदान एशियाई खेलों में क्रिकेट के शामिल होने के बाद से अब तक के सर्वश्रेष्ठ होंगे।”

शौचालय की दूरियों पर उठाए गए सवालों पर जापान की दो टूक

हालांकि, निशिन स्टेडियम में प्रतिस्पर्धी मैच बहुत ज्यादा नहीं हुए हैं, लेकिन कुछ हद तक हुए हैं। इस साल की शुरुआत में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालीफायर के दौरान यहां मैच आयोजित किए गए थे। हालांकि, एशियाई बोर्डों की चिंताएं खेल के मैदान तक ही सीमित नहीं हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि ड्रेसिंग रूम की सुविधाएं अस्थायी हो सकती हैं, साथ ही खिलाड़ियों के क्षेत्रों और शौचालयों के बीच की दूरी पर भी सवाल उठाए गए हैं।

मियाजी ने स्वीकार किया कि अस्थायी ढांचा व्यवस्था का हिस्सा होगा। हालांकि, उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता की आशंका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी क्षेत्र में शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही मैदान के आसपास अस्थायी और स्थायी दोनों तरह की सुविधाएं मौजूद रहेंगी। आवास एक और महत्वपूर्ण विवाद का मुद्दा बन गया है। क्रिकेट टीमों के नागोया के होटलों में ठहरने की उम्मीद है, जो मैदान से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। इस बात पर चिंता जताई जा रही है कि क्या कुछ कमरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के लिहाज से पर्याप्त बड़े हैं।

टीमें अपने हिसाब से रहने की व्यवस्था भी कर सकती हैं

मियाजी ने तर्क दिया कि क्रिकेट टीमों के साथ अन्य खेलों के खिलाड़ियों की तुलना में कोई भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "कई अन्य खेलों के लिए क्रूज जहाज या कंटेनर होटल जैसी बहुत ही सीमित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। टीमें चाहें तो अपने रहने की व्यवस्था स्वयं कर सकती हैं।"

अधिक प्रतिभागियों के कारण हो रही हैं समस्याएं

बता दें कि आवास संबंधी दबाव केवल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है। एशियाई खेलों के आयोजकों को अनुमान से अधिक प्रतिभागियों के आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते खिलाड़ियों और अधिकारियों को पारंपरिक केंद्रीय एथलीट गांव के बजाय होटलों, अस्थायी आवासों और अन्य सुविधाओं में ठहराना पड़ रहा है। श्रीलंका क्रिकेट सचिव प्रकाश शेफ्टर ने पहले पुष्टि की थी कि एसीसी ने क्रिकेट व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की है। प्रतिनिधि मैदान और व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे। हालांकि आवास के स्टैंडर्ड को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। शेफ्टर ने संकेत दिया कि क्रिकेट मैदान मैचों के लिए उपयुक्त माना गया है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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